चंडीगढ,5दिसम्बर। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को जुनैद खान हत्याकांड में फरीदाबाद स्थित निचली अदालत की सुनवाई पर रोक लगा दी। पिछले जून में ट्ेन में यात्रा के दौरान जुनैद की छुरा घोंपकर हत्या कर दी गई थी।
हाईकोर्ट की खण्डपीठ ने जुनैद के परिजनों की सीबीआई से जांच कराने की याचिका पर हरियाणा सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा है। जुनैद खान के पिता जलालुद्दीन के वकील अर्शदीप सिंह चीमा ने बताया कि हाईकोर्ट की खण्डपीठ ने फरीदाबाद की अदालत में मामले की सुनवाई पर रोक लगा दी है। जस्टिस महेश ग्रोवर व राजशेखर अत्रि की खण्डपीठ याचिका पर सुनवाई कर रही है।
हाईकोर्ट की एकल पीठ ने पिछले 27नवम्बर को जलालुद्दीन की मामले की सीबीआई जांच की याचिका खारिज कर दी थी। एकल पीठ के फैसले के खिलाफ खण्डपीठ में अपील दायर की गई है। एकल पीठ ने अपने फैसले में कहा था कि सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ऐसीे गंभीर खामियां साबित नहींे कर सका जिसके आधार पर यह माना जा सके कि पुलिस जांच में दोष है। इसके अलावा हत्याकांड का कोई राष्ट्ीय या अन्तरराष्ट्ीय प्रभाव भी नहीं दिखाई देता है। इसलिए यह ऐसा मामला नहीं बनता जिसमें जांच सीबीआई के सुपुर्द करने के असाधारण अघिकार का इस्तेमाल किया जाए।
खण्डपीठ के समक्ष दायर अपील में कहा गया है कि हत्या के पीछे के इरादे को छिपाया गया है। नामजद अभियुक्त व अन्य के इरादे छिपाए गए है। वारदात को अचानक होना बताया गया है। यह नहीं बताया गया कि अभियुक्तों ने साजिश की रचना की या वे गैर कानूनी रूप से एकत्र हुए। अब खण्डपीठ ने 11 जनवरी को सुनवाई होगी। पिछले जून में ईद के अवसर पर दिल्ली में खरीददारी कर मथुरा जाने वाली ट्ेन से अपने गांव खाण्डावाली लौटते समय जुनैद खान की छुरा घोपकर हत्या कर दी गई थी। फरीदाबाद जिले के आसोती गांव में जुनैद का शव पाया गया था।
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