चंडीगढ,11 फरवरी। पंजाब पुलिस ने अवैध इमीग्रेशन के नाम पर भोले-भाले लोगों को ठगने वाले ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा इस मामले में अब तक 8 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। ये कार्रवाई उन भारतीय नागरिकों से संबंधित है जिन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका से डिपोर्ट कर अमृतसर भेजा गया था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
डिपोर्ट हुए नागरिकों के बयान के आधार पर कार्रवाई
डिपोर्ट किए गए नागरिकों ने बताया कि कुछ ट्रैवल एजेंटों ने उन्हें अमेरिका में अवैध प्रवेश दिलाने का झूठा वादा किया और इसके बदले बड़ी रकम वसूली। जब वे अमेरिका पहुंचे, तो वहां की अथॉरिटी ने उन्हें पकड़कर वापस भेज दिया।
पीड़ितों की शिकायतों पर पुलिस ने:
2 एफआईआर जिला पुलिस के पास दर्ज की हैं।
6 एफआईआर पंजाब पुलिस के एनआरआई मामलों के विंग के पास दर्ज की हैं।
एसआईटी ने संभाली जांच की जिम्मेदारी
इस मामले की जांच के लिए पंजाब पुलिस ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। इस टीम में शामिल वरिष्ठ अधिकारी हैं:
- एडीजीपी (एनआरआई मामले) प्रवीन सिन्हा
- एडीजीपी (आंतरिक सुरक्षा) शिवे कुमार वर्मा
- आईजीपी (प्रोवीजनिंग) डॉ. एस. बूपति
- डीआईजी (बार्डर रेंज) सतिंदर सिंह
यह टीम मानव तस्करी नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए गहन निगरानी कर रही है और सुनिश्चित कर रही है कि सभी तथ्यों की पूरी तरह जांच हो।
पीड़ितों से मुलाकात कर दी न्याय की गारंटी
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने डिपोर्ट होकर लौटे भारतीय नागरिकों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनकी परेशानियां सुनीं। उन्हें भरोसा दिलाया गया कि सभी दोषी ट्रैवल एजेंटों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीजीपी पंजाब का बयान: इमीग्रेशन धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी
डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य के युवाओं को ऐसे धोखेबाज ट्रैवल एजेंटों के चंगुल से बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जनता से सतर्क रहने और अवैध इमीग्रेशन संबंधी किसी भी धोखाधड़ी की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
