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हिंदी सलाहकार समिति का पुनर्गठन: गृह मंत्रालय ने अंकुश गोयल को किया नामित

हिंदी सलाहकार समिति का पुनर्गठन: अंकुश गोयल को गैर-सरकारी सदस्य के रूप में मिली जिम्मेदारी, गृह मंत्रालय ने दी मंजूरी

नई दिल्ली/हरियाणा, 8 अगस्त 2026।
डाक विभाग की हिंदी सलाहकार समिति के पुनर्गठन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग ने समिति में अंकुश गोयल को गैर-सरकारी सदस्य के रूप में नामित करने को औपचारिक मंजूरी दे दी है। गृह राज्य मंत्री (एन) के अनुमोदन के बाद राजभाषा विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया गया है।

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समिति में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अंकुश गोयल ने केंद्र सरकार और भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन पर जो विश्वास जताया है, वे उस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।

2007 से भाजपा में सक्रिय

अंकुश गोयल मूल रूप से हरियाणा से संबंध रखते हैं और लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे वर्ष 2007 से भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता के तौर पर संगठन के साथ जुड़े हुए हैं। वर्तमान में वे भाजपा युवा मोर्चा में कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के चलते गोयल की पहचान पार्टी के युवा और सक्रिय नेताओं के रूप में बनी है। अब हिंदी सलाहकार समिति में गैर-सरकारी सदस्य के तौर पर मिली नई जिम्मेदारी को उनके राजनीतिक एवं संगठनात्मक सफर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

नई जिम्मेदारी पर क्या बोले अंकुश गोयल?

अंकुश गोयल ने कहा कि केंद्र सरकार ने उन्हें जो दायित्व सौंपा है, उसे वे पूरी गंभीरता के साथ निभाएंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और राजभाषा से जुड़े कार्यों में वे अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभाने का प्रयास करेंगे।

उन्होंने इस जिम्मेदारी के लिए देश के गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि पार्टी ने उन पर जो भरोसा जताया है, उस पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

हिंदी के प्रचार-प्रसार में समिति की अहम भूमिका

डाक विभाग की हिंदी सलाहकार समिति का उद्देश्य विभागीय कामकाज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देना और राजभाषा से संबंधित विषयों पर सुझाव देना है। समिति में गैर-सरकारी सदस्यों की भागीदारी के जरिए हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा राजभाषा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श को मजबूती मिलती है।

अंकुश गोयल के नामांकन को उनके संगठनात्मक अनुभव और युवा नेतृत्व की पृष्ठभूमि के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी नई जिम्मेदारी के बाद समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में भी उत्साह देखने को मिल रहा है।

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