Tuesday , 28 July 2026
सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना हमारी प्राथमिकता: शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, पंचकूला स्कूल का किया औचक निरीक्षण

सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना हमारी प्राथमिकता: शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, पंचकूला स्कूल का किया औचक निरीक्षण

पंचकूला : हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने सोमवार को पंचकूला के सेक्टर-26 स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की सफाई व्यवस्था, कक्षाओं में चल रहे शैक्षणिक माहौल और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का विस्तार से निरीक्षण किया।

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निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने कक्षाओं, विज्ञान प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय और खेल मैदान का दौरा किया तथा विद्यालय में उपलब्ध व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। हालांकि उन्होंने परिसर की सफाई व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर सरकार का विशेष फोकस

महीपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा सरकार का उद्देश्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को भी निजी विद्यालयों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि शिक्षा के स्तर में निरंतर सुधार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी उद्देश्य से स्कूलों में नियमित निरीक्षण तथा व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है।

शिक्षकों से बोले— आधुनिक शिक्षण पद्धतियां अपनाएं

विद्यालय के शिक्षकों और प्रशासनिक कर्मचारियों के साथ संवाद करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को आधुनिक, प्रभावी और रुचिकर शिक्षण पद्धतियों के माध्यम से पढ़ाने का आह्वान किया, ताकि बच्चों में सीखने की स्वाभाविक जिज्ञासा और रचनात्मक सोच विकसित हो सके।

पढ़ाई के साथ खेलों पर भी दिया जोर

शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए केवल अकादमिक शिक्षा पर्याप्त नहीं है। खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही आवश्यक है, क्योंकि इससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास होता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा खेल प्रतिभाओं की भूमि है और प्रदेश के सरकारी विद्यालयों से ही भविष्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। इसलिए शिक्षा और खेल, दोनों को समान महत्व दिया जाना चाहिए।

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