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हरियाणा में गेहूं के बंपर उत्पादन की उम्मीद

रबी फसलों की खरीद के लिए हरियाणा सरकार पूरी तरह तैयार, 75 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य

चंडीगढ़, 24 मार्च – हरियाणा में रबी विपणन सीजन 2025-26 के लिए गेहूं, सरसों, जौ, चना, मसूर और सूरजमुखी की खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी खरीद एजेंसियों को समय रहते तैयारियां पूरी करनी होंगी।

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बंपर उत्पादन की उम्मीद, 75 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य

इस वर्ष हरियाणा में गेहूं की बंपर पैदावार होने का अनुमान है। इसे देखते हुए सरकार ने 75 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मंडियों में पर्याप्त जगह हो और खाली स्थानों पर बड़े शैड बनाए जाएं ताकि तुलाई के बाद गेहूं को सुरक्षित रखा जा सके।

मंडियों में नहीं होगी बारदाने की कमी, खरीद अवधि बढ़ाने पर विचार

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीद के दौरान मंडियों में बारदाने की कमी न हो। किसानों की सुविधा को देखते हुए पायलट प्रोजेक्ट के तहत खरीद अवधि को 15 से 20 दिन तक जारी रखने का कार्यक्रम बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

सीधे भुगतान की व्यवस्था, किसानों को नहीं होगी परेशानी

बैठक में जानकारी दी गई कि वित्त विभाग और भारतीय रिजर्व बैंक ने रबी खरीद सीजन 2025-26 के लिए 6653.44 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट पहले ही स्वीकृत कर दी है। सरकार की प्रतिबद्धता है कि मंडियों से निकासी गेट पास जारी होने के 48 से 72 घंटों के भीतर किसानों के खातों में सीधा भुगतान किया जाए।

हरियाणा बना गेहूं उत्पादन में अग्रणी राज्य

हरियाणा देश में गेहूं उत्पादन में दूसरे स्थान पर है और केंद्रीय पूल में लगभग 25% गेहूं हरियाणा से जाता है। इस वर्ष प्रदेश में 415 मंडियां गेहूं खरीद के लिए, 25 मंडियां जौ के लिए, 11 मंडियां चने के लिए, 7 मसूर के लिए, 116 सरसों के लिए और 17 मंडियां सूरजमुखी की खरीद के लिए संचालित रहेंगी।

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित

इस वर्ष सरकार ने सभी फसलों के लिए शत-प्रतिशत एमएसपी सुनिश्चित किया है:

  • गेहूं: ₹2425 प्रति क्विंटल
  • जौ: ₹1980 प्रति क्विंटल
  • चना: ₹5650 प्रति क्विंटल
  • मसूर: ₹6700 प्रति क्विंटल
  • सरसों: ₹5950 प्रति क्विंटल
  • सूरजमुखी: ₹7280 प्रति क्विंटल

मंडियों में किसानों के लिए विशेष सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मंडियों में किसानों और मजदूरों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। किसानों के बैठने के लिए आढ़तियों से कुर्सियों की व्यवस्था करने को कहा गया है। राज्य में 53 अटल किसान मजदूर कैंटीन संचालित की जा रही हैं, जहां किसानों और मजदूरों को सस्ती दरों पर भरपेट भोजन मिलेगा।

शिकायतों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन और डिजिटल मंडियां

किसानों और व्यापारियों की शिकायतों के समाधान के लिए एक टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, प्रदेश की 108 मंडियां ई-नैम प्लेटफॉर्म से भी जुड़ी हुई हैं, जिससे खरीद और बिक्री की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आसान होगी।

मंडियों की निगरानी के लिए विशेष टीम गठित

सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि पूरे खरीद सीजन के दौरान मंडियों की निगरानी के लिए एक विशेष टीम गठित की जाए। इस टीम का काम खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करना और किसी भी समस्या का त्वरित समाधान निकालना होगा।

 

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