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नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर दुर्घटना,

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर दुर्घटना, 18 लोगों की मौत, मुआवजे का ऐलान, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने जताया दुख

नई दिल्ली, 16 फरवरी 2025: शनिवार देर रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ की एक भयावह घटना में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना स्टेशन के अजमेरी गेट के पास प्लेटफॉर्म नंबर 14, 15 और 16 पर हुई, जब महाकुंभ मेले में भाग लेने के लिए तीर्थयात्री प्रयागराज एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ने के लिए जुटे थे।

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सूत्रों के अनुसार, स्टेशन पर अचानक भीड़ बेकाबू हो गई और भगदड़ मचने के कारण कई यात्री घायल हो गए। इस हादसे में दम घुटने के कारण कई लोग बेहोश हो गए, जिनमें से कुछ की मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृतकों में बिहार के 9, दिल्ली के 8 और हरियाणा के एक निवासी शामिल हैं। मृतकों में 9 महिलाएं और 5 बच्चे भी हैं।

मुआवजे की घोषणा और उपचार की व्यवस्था

हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को दिल्ली सरकार की ओर से 10 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया गया है। गंभीर रूप से घायल लोगों को 2.5 लाख रुपये और सामान्य घायलों को 1 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। घायल व्यक्तियों को नजदीकी अस्पतालों, जैसे एलएनजेपी और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, में भर्ती किया गया है।

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का शोक

इस दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की कार्यवाहक मुख्यमंत्री आतिशी और कई अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, “नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ से व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं उन सभी के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्दी ठीक हो जाएं।”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस घटना को अत्यंत दुखद और हृदय विदारक बताया, और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत आत्माओं के लिए प्रार्थना की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

घटना की जांच के आदेश

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हादसा भीड़ बढ़ने के कारण हुआ। प्लेटफॉर्म पर अचानक इतनी बड़ी संख्या में यात्री इकट्ठा हो गए कि स्थिति बेकाबू हो गई। इस दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो यह पता लगाएगी कि यह घटना कैसे और क्यों घटी।

यह हादसा महाकुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान होने वाली भीड़-भाड़ की गंभीरता को उजागर करता है। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

निरंतर सहायता और राहत कार्य

दिल्ली की कार्यवाहक मुख्यमंत्री आतिशी ने घटना के बाद अस्पतालों में जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि “यह दुखद घटना हृदय विदारक है। हम पीड़ित परिवारों के साथ हैं और हमारे विधायक अस्पताल में मौजूद हैं ताकि प्रभावित परिवारों की मदद की जा सके।”

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