हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहल के तहत वाल्मीकि रामायण के बाल कांड के पंजाबी अनुवाद का भव्य विमोचन किया। इस अनुवाद में भगवान श्रीराम के बचपन की लीलाओं को पंजाबी भाषा में सरस शैली में प्रस्तुत किया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यह कार्य सप्तसिंधु वाल्मीकि अध्ययन केंद्र और हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के संरक्षण में संपन्न हुआ है। मुख्यमंत्री ने दोनों संस्थाओं को इस “अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर” को जनमानस तक पहुंचाने के लिए विशेष धन्यवाद दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा:
“आज का दिन आध्यात्मिक और ऐतिहासिक दोनों ही रूपों में बेहद महत्वपूर्ण है। यह अनुवाद हमारी विविध भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ने वाला सेतु है, जो समाज को एक नई दिशा और प्रेरणा देगा।”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 5 अगस्त 2020 को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के भूमि पूजन का भी उल्लेख किया और कहा कि राम मंदिर आधुनिक भारत की संस्कृति और श्रद्धा का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा, “यह मंदिर आने वाली पीढ़ियों को संकल्प, आस्था और संस्कृति की प्रेरणा देता रहेगा।”
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के ओएसडी भारत भूषण भारती, हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री, संत समाज और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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