नई दिल्ली | 15 मई 2025: राजधानी दिल्ली एक बार फिर वायु प्रदूषण की चपेट में है। मई के महीने में, जब आमतौर पर प्रदूषण कम होता है, तब दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 300 से ऊपर पहुंच गया है। इससे स्कूल-going बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए हालात चिंताजनक हो गए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!केजरीवाल ने पूछा – “अब कौन जिम्मेदार?”
AAP प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को घेरा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा:
“जब आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब मई में वायु प्रदूषण इतना नहीं होता था। अब दिल्ली की जिम्मेदारी BJP के पास है – क्या वो जवाबदेही लेंगे?”
उन्होंने साथ में एक न्यूज चैनल का वीडियो भी साझा किया जिसमें दिल्ली की खराब होती हवा का ग्राफिक और हालात दिखाए गए।
AQI का हाल – इन इलाकों में सांस लेना भी मुश्किल
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार दोपहर तक AQI इस प्रकार दर्ज किया गया:
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पंजाबी बाग – 382
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आनंद विहार – 283
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अशोक विहार – 331
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आरके पुरम – 307
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बवाना – 298
ये सभी आंकड़े “बहुत खराब” (Very Poor) श्रेणी में आते हैं, जबकि कुछ इलाकों में AAP नेताओं के अनुसार यह 500 तक भी पहुंच चुका है – जो “गंभीर” (Severe) स्थिति मानी जाती है।
AAP का आरोप – “चार इंजन सरकार नाकाम”
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने केंद्र सरकार, LG, MCD और दिल्ली पुलिस को मिलाकर इसे “चार इंजन वाली सरकार” करार दिया और कहा:
“ये चार इंजन दिल्ली की हवा साफ करने में नाकाम रहे हैं। डेटा छिपाया जा रहा है, CPCB के आंकड़े सही नहीं दिखा रहे।”
सरकार की सफाई – “काम जारी है”
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने ओखला लैंडफिल साइट का दौरा किया और कहा कि:
“मेयर रेखा गुप्ता के नेतृत्व में कचरे का निपटान तेजी से हो रहा है। अक्टूबर 2025 तक ओखला का ‘कचरे का पहाड़’ पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा। ये पीएम मोदी के ‘क्लीन इंडिया’ विजन का हिस्सा है।
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