बेंगलुरु, 1 अगस्त: जनता दल (एस) से निष्कासित नेता और हासन लोकसभा सीट के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को एक विशेष अदालत ने घरेलू सहायिका से बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया है। यह फैसला शुक्रवार को सुनाया गया, जबकि सजा की घोषणा कल होने वाली है। प्रज्वल रेवन्ना, जो पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते हैं, के खिलाफ कुल चार बलात्कार के मामले दर्ज थे, जिनमें से एक में उन्हें दोषी पाया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!फैसला सुनाए जाने के बाद, प्रज्वल रेवन्ना भावुक होकर रोते हुए देखे गए। यह मामला हासन जिले के होलेनरसीपुरा स्थित फार्महाउस में हुई घटना का है, जहां पीड़िता घरेलू सहायिका थी। उनके खिलाफ हासन के ग्रामीण पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब अप्रैल 2024 में लोकसभा चुनावों से पहले कई अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर लीक हुए, जिनमें प्रज्वल रेवन्ना पर कई महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोप लगे। इसके बाद पुलिस ने चार आपराधिक मामले दर्ज किए और विशेष जांच दल (SIT) ने मामले की जांच शुरू की।
नवंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने रेवन्ना की अपील को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने कर्नाटक उच्च न्यायालय के जमानत न देने के फैसले को चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा था कि मामलों की गंभीरता को देखते हुए जमानत नहीं दी जा सकती।
31 मई 2024 को जर्मनी से लौटने पर बेंगलुरु हवाईअड्डे पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद लोकसभा चुनाव में वे भारी मतों से हार गए। पुलिस ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न, पीछा करने, धमकाने और पीड़िता की तस्वीरें गुप्त रूप से रिकॉर्ड व साझा करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रज्वल रेवन्ना के इस दोषी ठहराए जाने से कर्नाटक की राजनीति में भूचाल आ गया है। उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। जनता दल (एस) समेत कई राजनीतिक दल इस मामले पर अपनी रणनीति बना रहे हैं।
क्या होगा अब प्रज्वल रेवन्ना का राजनीतिक सफर?
यह मामला महिलाओं की सुरक्षा, राजनीतिक नैतिकता और कानून के शासन की परीक्षा भी साबित होगा। आने वाले दिनों में इस घटना के राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव गहराई से महसूस किए जाएंगे।
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