रोहतक, 10 अक्टूबर। प्रधानमंत्री की रोहतक रैली में महिला द्वारा कला झंडा दिखाना अपने आप में भाजपा के लिए कई गंभीर सवाल खड़े कर गया है। जिसका जवाब भाजपा के लिए ढूंढ़ना बेहद जरुरी है। क्या वाकई में प्रदेश की जनता भाजपा सरकार की नीतियों से परेशान है? क्या भाजपा को इस घटना के बाद अपनी नीतियों पर अंदरूनी मंथन करने की जरुरत नहीं है। यह सवाल हम इस लिए खड़े कर रहे हैं क्योंकि जहाँ एक ओर भाजपा सरकार 2019 में एक बार फिर प्रदेश में 58 प्लस सीटें लेकर वापसी का दवा कर रही है। वहीं प्रदेश की सबसे बड़ी रैली में जहाँ खुद प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ साथ केंद्र के कई मंत्री और राज्य के सभी मंत्री मौजूद हों और वहां पर सरकार को महिलाओं द्वारा काला झंडा दिखाना इस ओर इशारा करता है कि प्रदेश की जनता सरकार से खुश नहीं है।
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आप खुद देखिए इन तस्वीरों में कैसे एक महिला पहले प्रधानमंत्री के मंच को काला झंडा दिखाती है लेकिन सरकार उसकी बात सुनने की जगह उसकी आवाज को रुँदने का काम करती है। अब फैसला प्रदेश की जनता को करना है कि क्या वाकए में प्रदेश की जो ‘सरकार बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं ‘का नारा दे रही है। वो वाकई में बेटियों को बचा भी रहे हैं या उनकी आवाज सरकार के अहम् के आगे दबाई जा रही है।
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