हिमाचल प्रदेश में मौसम का कहर जारी है। प्रदेश में 13 और लोगों की मौत हो गई है। राजधानी शिमला में नगर निगम के स्लाटर हाउस समेत सात भवन जमींदोज हो गए हैं। इसमें दो लोगों की दब कर मौत हो गई। राजधानी के ही समरहिल में भूस्खलन से जमींदोज हुए शिवबावड़ी मंदिर के मलबे से पांच और शव निकाले गए हैं। इस घटना में अब मृतकों की संख्या 13 पहुंच गई है। इसके अलावा कुल्लू के आनी में 3 और किन्नौर के पांगी गांव के दुनंग कंडे (काशंग नाला) में दो जबकि चंबा में एक मौत हुई है।
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प्रदेश में दो दिन के भीतर ही 64 लोग आपदा से दम तोड़ चुके हैं। वहीं पौंग बांध से पानी छोड़ने से कांगड़ा जिले का इंदौरा और फतेहपुर क्षेत्र जलमग्न हो गए हैं। यहां वायुसेना के हेलिकाप्टर से 1,000 लोगों को रेस्क्यू किया गया है। दोनों क्षेत्रों में काफी नुकसान हुआ है। कुल्लू जिले के आनी उपमंडल की पोखरी पंचायत के रगेली गांव में दो मकान भूस्खलन की चपेट में आ गए। इससे एक ही परिवार के तीन लोग मलबे में दब गए। घर से करीब दस किलोमीटर दूर तीनों के शव मिले हैं।
किन्नौर जिले के कल्पा खंड के पांगी गांव के दुनंग कंडे (काशंग नाला) में चट्टानों की चपेट में आने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। चंबा जिले के चुवाड़ी स्थित कलम खड्ड में दोस्तों के साथ नहाने उतरे 14 वर्षीय युवक की पानी के तेज प्रवाह में बहने से मौत हो गई।
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