व्हाट्सऐप समेत अन्य सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में बताया जा रहा है कि आधार कार्ड सिर्फ कुछ चुनिंदा स्कीम्स के लिए अनिवार्य है। वीडियो में एक लेडी वकील कह रही हैं कि आधार को कुछ ही प्रोग्राम से जोड़ना अनिवार्य है। इस पर आधार अथॉरिटी यूआईडीएआई ने बयान जारी कर कहा है कि इस वीडियो में जो भी बताया जा रहा है। वह आज की तारीख में कानूनी तौर पर सच नहीं है। यूआईडीएआई के मुताबिक यह एक पुरान वीडियो है और लोगों को इस पर विश्वास कर भ्रमित नहीं होना चाहिए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यूआईडीएआई ने इस वीडियो पर विश्वास न करने के लिए कहा है। यूआईडीएआई ने इस वीडियो को लेकर तस्वीर साफ की है। उसने कहा है कि यह वीडियो 2015 के सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बारे में है। जिसमें उसने आधार को कुछ ही प्रोग्राम के लिए जरूरी करने को लेकर अपनी टिप्पणी की थी। हालांकि यह टिप्पणी मौजूदा समय में लागू नहीं होती है।
यूआईडीएआई ने साफ किया कि 7 दिसंबर, 2017 तक जितने भी दस्तावेजों को आधार से लिंक करना अनिवार्य किया गया है। उन्हें लिंक करना अनिवार्य अभी भी है। किसी भी प्रोग्राम के लिए फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मनाही नहीं की है।
SC ruling on AADHAR
reality@rtkasr@SirRavishKumar pic.twitter.com/reZCgI1akY— Ajay Pal Singh Tomar (@tomaraps) December 7, 2017
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