बिहार डेस्क- बिहार में शराबबंदी को लेकर किए गए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व अपर मुख्य सचिव केके पाठक के प्रयास नाकाम होते हुए नजर आ रहे हैं। बता दें, राज्य के विभिन्न जगहों पर जहरीली शराब से हुई मौतों का मामला अभी थमा भी नहीं था कि, अब वैशाली जिले के तिसीऔता में संदिग्ध परिस्थिति में आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, परिजन जहरीली शराब पीने से ही मौत की बात बता रहे हैं तो वही पुलिस प्रशासन इन बातों से इनकार कर रही है। मौके पर पहुंची पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुट गई है।
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मौत के पीछे का कारण है जहरीली शराब
प्रशासन के द्वारा मौत का कारण ठंड लगने और हार्ट अटैक बताया जा रहा है। वहीं, इन मौतों के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है, स्थानीय लोगों की मानें तो यहां शराब का कारोबार खूब फल फूल रहा है औऱ मौत का कारण भी जहरीली शराब ही है। मृतक के परिजनों ने बताया है कि, ये लोग अक्सर शराब पिया करते थे। मृतक अर्जुन झा के परिजनों ने तो पुलिस प्रशासन के सामने ही कह दिया कि मौत के पीछे का कारण जहरीली शराब ही है।
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जांच में जुटी पुलिस
वहीं, मृतक अर्जुन झा के छोटे भाई की पत्नी अर्चना झा ने बताया कि मृतक गांजा, शराब पीते थे। उन्हें दमे की बीमारी थी और शराब का नशा करने से ही उनकी मौत हुई है। वहीं, ग्रामीणों का भी कहना है कि, ठकौली शराब का अड्डा है। कितना आदमी अभी और मरेगा। प्रशासन कुछ भी नहीं करता है, जबकि पुलिस का कहना है कि, मामले की जांच पडताल की गई है। मृतक के भाई ने यह बयान दिया है कि, मृतक साल भर से बीमार चल रहा था। फिलहाल, अब पुलिस जांच में जुट गई है।
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