टोहाना ,30 अक्टूबर (नवल सिंह ); शिक्षा के क्षेत्र में सुधार को लेकर सरकार की ओर से लाख दावे व घोषणाएँ की जाती हैं लेकिन उन घोषणाओं पर अमल नहीं हो पा रहा है। ऐसा ही मामला सामने आया है जहां शिक्षा बोर्ड द्वारा वर्ष 2017 में दसवीं के टापर 500 बच्चों को लेपटाप देने की घोषणा करने के बाद जानकारी ली गई थी लेकिन बच्चों को अभी तक लेपटाप वितरित नहीं किए गए हैं जिससे बच्चों में रोष बना हुआ है।
इस बारें में छात्रा ने बताया कि उसने दसवीं परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। अंजलि ने कहा कि एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी स्कालरशिप नहीं आ पाई है। अंजलि ने कहा कि सरकार की ओर से बेटी बचाओं बेटी पढाओं का नारा दिया जाता है लेकिन जब बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में नाम रोशन करती है तो उनके लिए घोषणा करने के बाद सरकार पूरा नहीं करती।
इस बारें मेंं माडल केएम स्कूल प्राचार्य ने कहा कि शिक्षा बोर्ड की ओर से 683 बच्चों की सूची जारी की गई थी जिनमें से शीर्ष के 500 बच्चों को लैपटाप दिए जाने थे। उनके स्कूल के 5 बच्चों के नाम सरकार के पास भेजे गए थे लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी बच्चों को कुछ भी नहीं दिया गया है जिसके चलते बच्चों में मायूसी छाई हुई है।
वहीं इस बारें में खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शिक्षा बोर्ड द्वारा बच्चों को लैपटाप देने को लेकर बच्चों की सूची भेज गई थी जिसके बाद उन्होंने स्कूलों से जानकारी जुटाने के बाद बोर्ड को भेज दी थी लेकिन अभी तक बच्चों को लैपटाप नहीं दिए गए हैं।
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