उत्तर प्रदेश डेस्क- उत्तर प्रदेश के हरदोई में 10 दिन पहले लापता हुए 12 वर्षीय बच्चे का क्षत-विक्षत शव उसके घर से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर हरदोई के जंगल से बरामद किया गया। उसके शरीर पर कई चोटें आई हैं और हाथ-पैर टूट गए हैं। पीड़ित मंजेश के पिता महिपाल कुमार ने कहा कि उनका बेटा सातवीं कक्षा का छात्र था और 3 नवंबर को लापता हो गया था। उन्होंने कहा, “उसी दिन, मैंने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई और उसकी तलाश शुरू की।”
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ग्रामीणों ने मंजेश के शव को देखा। महिपाल ने कहा, “मैं मौके पर पहुंचा और शव की पहचान की।” हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर आक्रोशित परिजनों व परिजनों ने शनिवार को सीतापुर-हरदोई हाईवे जाम करने का प्रयास किया।
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फोरेंसिक विश्लेषण की मांग
हरदोई के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि, पोस्टमार्टम से मौत के सही कारणों का पता नहीं चल सका और विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा, “उसका शरीर सड़ गया था और अंग अलग हो गए थे। हमने फोरेंसिक विश्लेषण की मांग की है।”उन्होंने यह भी कहा, प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि, मंजेश ने आत्महत्या कर ली होगी क्योंकि, पास में एक पेड़ की एक शाखा से रस्सी बंधी हुई थी। एसपी ने कहा, ‘दीपावली के दिन लड़के के घर में विवाद हुआ था, जिस दिन वह लापता हुआ था।’
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