हिसार, 7 जुलाई: हरियाणा के छोटे से गांव बालसमंद की बेटी सिमरन (Simran) ने वो कर दिखाया है जो लाखों युवाओं का सपना होता है। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली सिमरन आज देश की टॉप टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बन गई हैं। उन्हें सालाना ₹55 लाख का पैकेज मिला है। सिमरन की कहानी आज पूरे देश के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमरन (Simran) के पिता राजेश कुमार गलियों में घूम-घूम कर कबाड़ के बदले बर्तन बेचने का काम करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोड़ी। सिमरन ने भी अपने माता-पिता के त्याग को समझा और जी-जान से मेहनत की।
पढ़ाई में शुरू से रही होनहार
सिमरन (Simran) बचपन से ही पढ़ाई में तेज थीं। 12वीं में 96% अंक हासिल करने के बाद उन्होंने पहले ही प्रयास में JEE क्लियर किया और IIT मंडी के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में दाखिला लिया। हालांकि दिलचस्पी IT सेक्टर में थी, इसलिए कंप्यूटर साइंस को ऐड-ऑन विषय के तौर पर पढ़ना शुरू किया।
कैसे मिली माइक्रोसॉफ्ट में नौकरी?
IIT के कैंपस सिलेक्शन के दौरान सिमरन (Simran) को माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) हैदराबाद में इंटर्नशिप का मौका मिला। 2 महीने की इंटर्नशिप के बाद उन्हें बेस्ट इंटर्न स्टूडेंट का अवॉर्ड मिला, जो खुद माइक्रोसॉफ्ट अमेरिका की ओवरसीज हेड ने दिया। इस उपलब्धि के बाद सिमरन को फुल-टाइम नौकरी का ऑफर मिला और 30 जून को उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ज्वॉइन कर लिया।
गांव में जश्न का माहौल
सिमरन (Simran) की सफलता की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरा गांव जश्न में डूब गया। ढोल-नगाड़े बजे, मिठाइयां बंटी और हर जुबां पर बस एक ही नाम था – सिमरन। परिवार, स्कूल, और गांववालों के लिए ये गर्व का क्षण था।
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