हरियाणा के 14 शहरों में बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। पंचकूला और यमुनानगर जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। वहीं इस महीने अभी तक मानसून कमजोर रहा। राज्य के 20 जिले ऐसे रहे, जहां सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई। 1 से 12 अगस्त तक सूबे में 29.4 MM बारिश हुई है, जबकि सामान्य रूप में 62.6 एमएम बारिश होती है, जो सामान्य से 53% कम है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हरियाणा में अगस्त में हुई कम बारिश का सीधा असर खरीफ फसलों की बिजाई पर पड़ा है। अब तक हरियाणा में 26.92 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बिजाई हो चुकी है। बिजाई का लक्ष्य 30.95 लाख हेक्टेयर है। यानी 9.8 लाख एकड़ खरीफ की बिजाई बाकी है। धान की 12.58 लाख हेक्टेयर रकबे में रोपाई हो चुकी है।
चंडीगढ़ मौसम विभाग ने जिन जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है उनमें पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, पानीपत में गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं।
हरियाणा में मानसून का 75% कोटा पूरा हो चुका है। मानसून सीजन में अब तक 347.2 एमएम बारिश हो चुकी है। यह 266.5 MM से करीब 30% ज्यादा है। मानसून सीजन में हरियाणा में 460 मिमी बरसात होती है। अगस्त में बारिश कम होने के कारण बिजली की खपत भी बढ़ी है। 12 अगस्त तक सूबे में बिजली की डिमांड 25.32 करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है।
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