कुवि के भूगोल विभाग और मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र के सहयोग से रिफ्रेशर कोर्स का आयोजन किया गया। पहले सत्र में वक्ता पं. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान स्कूल के प्रो. कृष्ण कुमार ने इंडो-गैंगेटिक मैदानों पर कार्बन मोनोआक्साइड के स्थानिक ढाल के जटिल विषय के बारे में बताया जो कि क्षेत्र की पर्यावरणीय गतिशीलता के मूल्यवान में अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दूसरे सत्र में कुवि की ऑनलाइन एवं दूरस्थ शिक्षा केंद्र की निदेशिका प्रो. मंजुला चौधरी ने उच्च शिक्षण संस्थानों में नैतिकता और आचार संहिता पर चर्चा की। उन्होंने अकादमिक जगत की रीढ़ बनने वाले नैतिक विचारों और संहिता की व्यापक समझ प्रदान की। तीसरे सत्र में प्राणी शास्त्र विभाग के डॉ. दीपक राय बब्बर ने प्रेरक समूह चर्चा की और प्रतिभागियों ने विचारों और दृष्टिकोणों के सहयोगात्मक आदान-प्रदान कर व्यावहारिक बातचीत की।
चौथे सत्र में कुवि के भूगोल विभाग के प्रो. ओमबीर सिंह की ओर से परीक्षा का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य पिछले सत्रों में चर्चा किए गए विषयों के बारे में प्रतिभागियों की समझ का आकलन करना था। भूगोल विभाग के अध्यक्ष प्रो. एसपी कौशिक ने बौद्धिक विकास और सहयोगात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने में ऐसे कार्यक्रमों के योगदान के बारे में बताया।

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