चंडीगढ़, 11 सितंबर: एचआईवी/एड्स के खिलाफ लड़ाई में हरियाणा ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राज्य ने कुछ ही महीनों में वैश्विक 95-95-95 लक्ष्यों की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। हरियाणा अब देश के छह शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!राज्य सरकार के अनुसार, एचआईवी संक्रमित लोगों की पहचान, समय पर इलाज शुरू करने और वायरल लोड को नियंत्रित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से यह सुधार संभव हुआ है।
95-95-95 लक्ष्य में हरियाणा ने किया बड़ा सुधार
डॉ. सुमिता मिश्रा के अनुसार, जनवरी 2026 में हरियाणा पहले 95 लक्ष्य पर 85.2 प्रतिशत और दूसरे 95 लक्ष्य पर 83.7 प्रतिशत पर था। अब इसमें काफी सुधार हुआ है और यह आंकड़ा क्रमशः 93.2 प्रतिशत और 90.9 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
वहीं तीसरे लक्ष्य यानी वायरल सप्रेशन के मामले में हरियाणा पहले ही 95 प्रतिशत के लक्ष्य को पार कर चुका है। राज्य में वायरल सप्रेशन का स्तर 95.8 प्रतिशत बताया गया है।
सरकार के अनुसार, यह उपलब्धि एचआईवी संक्रमित लोगों की पहचान, इलाज से जोड़ने और इलाज जारी रखने पर विशेष ध्यान देने का परिणाम है।
पांच जिलों ने हासिल किया ‘सुरक्षित’ लक्ष्य
जिला स्तर पर भी हरियाणा ने महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। कुरुक्षेत्र, कैथल, भिवानी, पंचकुला और यमुनानगर ने निदान, उपचार और वायरल सप्रेशन से जुड़े प्रमुख परिचालन लक्ष्यों में ‘सुरक्षित’ का पूर्ण लक्ष्य दर्जा हासिल किया है।
वहीं अंबाला, जींद, पलवल, फरीदाबाद, रेवाड़ी और सोनीपत समेत कई अन्य जिलों ने उपचार से जुड़े महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किए हैं और वे पूर्ण लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
इलाज छोड़ चुके मरीजों को दोबारा जोड़ा जा रहा
स्वास्थ्य विभाग ने उन लोगों पर भी विशेष ध्यान दिया है जिन्होंने किसी कारण से एचआईवी का इलाज बीच में छोड़ दिया या जिनका फॉलो-अप टूट गया था।
इसके लिए राज्य में विशेष पेशेंट ट्रैकिंग और रिटेंशन रणनीति अपनाई गई है। सरकार के अनुसार, ऐसे करीब आधे लोगों को दोबारा स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने में सफलता मिली है। इससे मरीजों को जीवन रक्षक इलाज लगातार उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।
मुफ्त जांच और उपचार की सुविधाओं का नेटवर्क मजबूत
हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी ने राज्य में एकीकृत परामर्श एवं जांच केंद्रों (ICTC), एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) केंद्रों और सुरक्षा क्लीनिकों के नेटवर्क को मजबूत किया है।
इन केंद्रों के माध्यम से लोगों को मुफ्त एचआईवी जांच, परामर्श, उपचार संबंधी सहायता और वायरल लोड की निगरानी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
संवेदनशील समुदायों तक पहुंचने पर जोर
स्वास्थ्य विभाग की ओर से उन आबादी तक भी पहुंच बढ़ाई जा रही है, जहां सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए पहुंचना मुश्किल होता है। इसके तहत प्रवासी श्रमिकों, ट्रक ड्राइवरों, महिला सेक्स वर्करों, इंजेक्शन के जरिए नशा करने वालों और ट्रांसजेंडर समुदायों के लिए टारगेटेड इंटरवेंशन चलाए जा रहे हैं।
इन समुदायों तक पहुंचने के लिए रात और शाम के समय आउटरीच कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा जेलों और ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी (OST) केंद्रों में दैनिक जांच प्रोटोकॉल के जरिए एचआईवी स्क्रीनिंग को भी बढ़ाया गया है।
पड़ोसी राज्यों के साथ भी मजबूत किया समन्वय
जिन लोगों का इलाज या फॉलो-अप बीच में छूट गया है, उन्हें दोबारा स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए हरियाणा ने दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के साथ समन्वय मजबूत किया है।
राज्य स्तर की टीमों द्वारा नियमित जिला दौरे, समीक्षा और निगरानी की जा रही है, ताकि योजनाओं का तेजी से और प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
HIV के साथ Hepatitis और अन्य बीमारियों की भी स्क्रीनिंग
वंचित और संवेदनशील आबादी तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए एकीकृत स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में एचआईवी के साथ-साथ हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी और गैर-संचारी रोगों की भी व्यापक स्क्रीनिंग की जा रही है।
इससे लोगों को एक ही स्थान पर कई जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।
रेलवे स्टेशन से लेकर सिनेमा हॉल तक जागरूकता अभियान
एचआईवी रोकथाम और जागरूकता को लेकर हरियाणा ने व्यापक मल्टी-मीडिया IEC अभियान भी शुरू किया है।
प्रमुख रेलवे स्टेशनों और व्यस्त सड़क मार्गों पर एलईडी स्क्रीन के जरिए जागरूकता संदेश दिखाए जा रहे हैं। इसके अलावा सिनेमाघरों में वीडियो स्पॉट, दूरदर्शन पर प्रसारण, आकाशवाणी और निजी एफएम चैनलों के जरिए ऑडियो संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।
बस स्टेशन अनाउंसमेंट सिस्टम के साथ-साथ ऑटो-हुड रैप्स और कैब डिस्प्ले के माध्यम से भी जागरूकता संदेश लोगों तक पहुंचाए जा रहे हैं।
15 सितंबर से शुरू होगा लोक मीडिया अभियान
सरकार की ओर से 15 सितंबर से सभी जिलों में लोक मीडिया अभियान शुरू किया जाएगा। इसके जरिए गांव और ब्लॉक स्तर तक एचआईवी जांच और जागरूकता का संदेश पहुंचाया जाएगा।
पारंपरिक कला रूपों के माध्यम से एचआईवी से जुड़ी भ्रांतियों और गलत सूचनाओं को दूर करने के साथ-साथ स्टिग्मा और भेदभाव के खिलाफ जागरूकता पैदा की जाएगी।
युवाओं को भी अभियान से जोड़ा
एचआईवी जागरूकता अभियान में युवाओं की भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। पंचकुला में बाइकर रैली, वॉकथॉन और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर फ्लैश मॉब जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा स्कूलों में रेड रिबन क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। जिला स्तर पर ‘रेड रन’ कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है, जो आगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगे।
शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता बढ़ाने के लिए रेड रिबन क्लब के नोडल शिक्षकों और पीयर एजुकेटरों को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कक्षा 8वीं से 11वीं तक किशोर शिक्षा कार्यक्रम
कम उम्र में ही एचआईवी/एड्स और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता विकसित करने के लिए कक्षा 8वीं, 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों के लिए 16 घंटे का किशोर शिक्षा कार्यक्रम भी लागू किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को एचआईवी/एड्स, व्यक्तिगत स्वच्छता और संबंधित स्वास्थ्य विषयों को लेकर सही जानकारी उपलब्ध कराना है।
2030 तक ‘जीरो’ लक्ष्य की दिशा में हरियाणा
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि हरियाणा का दीर्घकालिक लक्ष्य 2030 तक शून्य नए एचआईवी संक्रमण, शून्य एड्स से संबंधित मौतें और शून्य भेदभाव की दिशा में आगे बढ़ना है।
स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस और बाल विकास एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत किया जा रहा है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की स्क्रीनिंग बढ़ाने और मां से बच्चे में एचआईवी संक्रमण के प्रसार को रोकने पर जोर दिया जा रहा है।
हालिया आंकड़ों और अभियानों को देखते हुए हरियाणा सरकार का कहना है कि राज्य एचआईवी/एड्स की रोकथाम, उपचार और जागरूकता के क्षेत्र में लगातार मजबूत स्थिति की ओर बढ़ रहा है।
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