यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर बना हुआ है। यमुना का पानी प्रदेश के तीन और जिलों सोनीपत, फरीदाबाद और पलवल में घुस गया है। अब हरियाणा के 10 जिले पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र और पानीपत बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!- बाढ़ और जलभराव से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आठ लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आपदा में जान गंवाने वालों के परिवारों को चार लाख रुपये सहायता राशि देने और मकानों की मरम्मत के लिए सहायता राशि देने की घोषणा की है।
- यमुना के पानी ने बुधवार को पानीपत में फिर अपना रौद्र रूप दिखाया। यहां ड्रेन नंबर-दो टूट गई। इससे भल्लौर गांव समेत आधा दर्जन गांवों के खेतों में पानी भर गया। यहां मंगलवार को पत्थरगढ़ के पास यमुना का बांध टूट गया था। इससे नदी पानी का पानीपत-हरिद्वार स्टेट हाईवे तक पहुंच गया और करीब 15 गांवों की 25 हजार एकड़ फसल डूब गई।
- आधा दर्जन गांवों का एक-दूसरे और जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। पानीपत के बाद यमुना ने सोनीपत के इलाकों में नुकसान पहुंचाना शुरू किया। बुधवार सुबह मुरथल क्षेत्र के गांव मच्छरोला, भैरा बांकीपुर व बड़ौली के पास कटाव हो गया। ग्रामीणों व प्रशासन ने काफी मशक्कत के बाद कटाव बंद कराया।
- यमुना के सटे करीब 25 गांवों तक पानी पहुंच चुका है। जाजल से टोंकी रोड पर पानी भरने व रास्ता टूटने से संपर्क बाधित हो गया है। यहां मंगलवार को यमुना का जलस्तर 216.1 मीटर था जो बुधवार को बढ़कर 216.4 तक पहुंच गया। हालांकि यमुना खतरे के निशान 217 मीटर से अभी नीचे है।
- फरीदाबाद में यमुना से लगते गांवों में पानी घुसना शुरू हो गया। करीब 10 हजार घरों में नदी का पानी भर गया है। जिला प्रशासन ने मंगलवार रात करीब दो बजे अमीपुर गांव में बाढ़ में फंसे 78 लोगों को रेस्क्यू किया। फिलहाल इन लोगों को अमीपुर गांव के शेल्टर होम में रखा गया है।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
