नेशनल डेस्क: चुनाव आते ही नेता वोटर्स को लुभाने के लिए कई वादे और दावे करते हैं। इतना ही नहीं जनता को अपने पक्ष में वोट डालने के लिए कई तोहफे और पैसे तक दिए जाते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु में। यहां वोटरों को लुभाने के लिए एक प्रत्याशी ने सोने के सिक्के बांटे। उसने वोटरों से कहा कि, पार्षद के चुनाव में अब हमें ही वोट देना। सोने के सिक्के लेने वाले बहुत खुश हुए, लेकिन बाद में उन्हें जब सोने के नकली होने की सच्चाई पता चली उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
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‘वोट के बदले नोट की भावना से ठगा गया’
प्रत्याशी से सोने का सिक्का लेने वाली एक महिला ने कहा कि, हमें अपने वोट के बदले नोट की भावना से ठगा गया है। हमारे यहां चुनाव के मतदान से पहले लोगों को रुपए या उपहार देने की परंपरा बन गई है और ऐसा करके कई राजनीतिक दलों के प्रत्याशी, चुनाव आयोग के फरमान को धका बता देते हैं। वे वोटरों को अपने पाले में लाने के लिए गिफ्ट देते हैं। अभी हमारे यहां अंबुर में पार्षद का चुनाव होना था, तो एक निर्दलीय प्रत्याशी ने पीले सिक्के बांटे, और कहा कि, ये सोना है। जांच कराने पर बाद में पता चला कि वो सोने के नहीं, तांबे के सिक्के थे।

इस बहाने से लोगों को ठगा
मतदाताओं से दुरईपंडी बोली कि, सोने के सिक्के दे रही हूं, मुझे ही वोट देना। यह बात बहुत से मतदाताओं ने मान ली। मगर, जब कुछ को उन सिक्कों की सच्चाई पता चली उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बताया जा रहा है कि, मणिमगलाई दुरईपंडी ने एक महिला को बताया था कि उसने 20 लाख रुपये में अपने घर पर गिरवी रखा और सोने के सिक्के खरीदे। उसके बाद वोटरों से खुद को वोट देने की रिक्वेस्ट की। उसने कहा कि, इससे इलाके के लोगों ने उसे वोट दिया। मगर..अब वह अपने फैसले पर पछता रही है।
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