चंडीगढ़ 27 नवंबर (पल्लवी बंसल): आज महिआएं किसी भी काम में पुरुषों से पीछे नहीं है। चाहे बात घर चलाने से लेकर घर के बाहर जाकर काम करने की ही क्यों न हो, महिलाएं किसी भी तरह से पुरुषों से कम नहीं हैं। ऐसी ही एक महिला के बारे में हम आपको बताने जा रहे है जो कि इस बात की जीती-जगती मिसाल है।जी हाँ हम बात कर रहे है राजस्थान के भीलवाड़ा में रहने वाली माया राठौर की जो कि ,37 वर्षीय महिला है और वह भीलवाड़ा में ई-रिक्शा चलाती है और अपने परिवार का गुज़र बसर करती हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!Rajasthan:Maya Rathore,a 37-yr-old differently-abled woman,drives e-rickshaw in Bhilwara; says, 'I bought it under e-rickshaw yojana. Earlier people used to look at me in amazement that a girl is riding rickshaw. When I drive in night, the women travelling with me also feel safe' pic.twitter.com/3Cxm8VH44B
— ANI (@ANI) November 26, 2018
बता दें उनसे बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि ‘मैंने ई-रिक्शा को ई-रिक्शा योजना के तहत खरीदा है। उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्होंने यह रिक्शा चलना शुरू नहीउ किया था तब उन्हें यह आश्चर्यचकित करता था कि कि एक लड़की रिक्शा की सवारी कर रही है तो क्या एक महिला इसे चला नहीं सकती ? इसके बाद उन्होंने ई-रिक्शा न सिर्फ अपना रोज़गार बनाया बल्कि बहुत सी महिलाओं के लिए एक मिसाल भी बनी है। साथ ही उन्होंने अपने विचार साँझा करते हुए बताया कि जब मैं रात में ड्राइव करती हूँ तो मेरे साथ यात्रा करने वाली महिलाएं भी सुरक्षित महसूस करती हैं ‘
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
