Sunday , 26 July 2026

नवरात्र में सामने आई निर्दयी मां की निर्ममता, मासूम बच्ची को गंगा किनारे फेंका

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रविवार देर शाम अस्सी घाट पर एक महिला अपनी 2 माह की मासूम बच्ची को फेंक कर भाग निकली। बच्ची के रोने के बाद आसपास के लोग वहां पहुंचे उसके बाद काफी देर तक लोगों ने आवाज दिया।

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जब कोई महिला उसे लेने के लिए नहीं आई तो लोगों को एहसास हुआ कि उसे उसकी मां ने अस्सी घाट पर फेंक दिया है। जानकारी मिलने के बाद घाट पर भेलपुरी बेचने वाली सविता नामक महिला ने बच्ची को उठाया और उसे गोद में लेने के साथ ही बाजार से दूध मंगा कर उसे पिलाया।

सविता द्वारा पुलिस को सूचना दिया गया। सूचना देने के बाद देर होने पर सविता बच्ची को अपने साथ अपने घर लेकर चली गई। सविता का कहना है कि नवरात्रि में उसे मां दुर्गा के रूप में लावारिस बेटी मिली है, जिसका वह पालन पोषण करेगी और उसका नाम अष्टमी रखेगी।

इस बारे में सविता द्वारा मीडिया को बताया गया कि वह भेलपुरी बेचने का काम करती है। उसने बताया कि रविवार शाम वह घाट पर मौजूद थी, इसी दौरान पीली साड़ी पहन कर एक महिला घाट पर आती है और गोद में लिए हुए सामान को वह घाट के फर्श पर रखकर कुछ देर तक वहीं टहलती है उसके बाद फरार हो जाती है।

थोड़ी देर बाद महिला जो सामान रखकर फरार हुई थी उसमें से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई देती है, उसके बाद सविता समेत आसपास मौजूद लोग वहां पहुंचकर देख तो पता चला कि करीब दो माह की मासूम बच्ची रो रही थी। इस दौरान सविता ने पुलिस को सूचना दिया। सूचना देने के बाद वह दूध की बोतल मंगा कर उसे पिलाई।

पिलाने के बाद बच्चे का कपड़ा भी मंगाई और उसे लेकर अपने घर चली आई। सविता का कहना है कि उसने पुलिस को सूचना दे दिया है और परिजनों के आने का इंतजार करेगी। यदि परिजन नहीं आते हैं तो उसका नाम अष्टमी रखने के साथ ही उसका पालन पोषण वह खुद करेगी।

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