नेशनल डेस्क- वैज्ञानिकों ने भारत में कोरोना की तीसरी लहर के इस महीने शुरू होने की आशंका जताई है। हालांकि बेंगलुरु में 1 से 11 अगस्त तक 543 बच्चों के पॉजिटिव होने के बाद इसके शुरू होने को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। इसको देखते हुए कर्नाटक के नवनियुक्त मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बच्चों पर कोविड-19 के प्रभाव को लेकर शुक्रवार को विशेषज्ञों के साथ आपात बैठक बुलाई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सीएम बोम्मई ने कहा कि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर के दौरान बच्चे प्रभावित होंगे, क्योंकि वे गैर-टीकाकरण समूह से संबंधित हैं। राज्य सरकार ने बच्चों की पूरी निगरानी के लिए उडुपी और हावेरी जिलों में ‘वात्सल्य’ योजना शुरू की है।

जिला अस्पतालों में बाल चिकित्सा आईसीयू व्यवस्थित करने के निर्देश
कर्नाटक के मुख्यमंत्री की माने तो, “हम उनकी पौष्टिक शक्ति की जांच के लिए बाल चिकित्सा स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगे। पोषण की कमी और कम विकास के लिए सभी आवश्यक उपचार किए जाएंगे। साथ ही, “हम योजना पर काम कर रहे, सभी संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया है और बच्चों को इस वायरस से बचाने की कोशिश करेंगे। सभी जिला अस्पतालों को बाल चिकित्सा आईसीयू की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।”
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