चंद्रयान -3 आज यानि 01 अगस्त को पृथ्वी की कक्षा में सबसे बड़ा ऑरबिट बनाते हुए उसके गुरुत्वार्षण से निकलकर चांद की ओर कूच कर जाएगा। इसके बाद अगले 23 दिन वह चंद्रमा की कक्षा में परिक्रमा करते हुए अपने ऑरबिट को छोटा करेगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!फिर उसकी सतह पर उतर जाएगा। पिछली बार चंद्रयान -2 भारतीय समय के अनुसार रात में उतरा था लेकिन चंद्रयान -3 शाम को तभी उतरेगा, जब हम सभी जगे होंगे. हालांकि चंद्रयान2 की तरह इसके भी आखिरी 15 मिनट बहुत महत्वपूर्ण होंगे।
भारत के तीसरे चंद्र मिशन चंद्रयान-3 को 14 जुलाई को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक लांच किया गया था। अब ये पृथ्वी की सबसे बड़ी कक्षा 71351 किमी गुणे 233 किमी में है। अब ये पृथ्वी की कक्षा से निकल आधा सर्पिल रास्ता तय करके चांद की कक्षा में चला जाएगा।
23 अगस्त को जैसे शाम के 05.32 बजेंगे तब इसरो के कंट्रोल सेंटर्स और दुनियाभर में स्पेस स्टेशनों के जरिए इस पर नजर रख रहे वैज्ञानिक सक्रिय हो जाएंगे। फिर तो एक-एक सेकेंड पर निगाहें और दिल सिर्फ ‘विक्रम’ पर अटकी रहेंगी।
अगर सबकुछ योजना के मुताबिक रहा तो लेंडर विक्रम 23 अगस्त को शाम 5.47 बजे चंद्रमा की सतह पर उतरेगा। यानि अगर इस तरह देंखें तो 23 अगस्त का बुधवार का दिन देश के सबसे अहम रहेगा। हम सभी की निगाहें चंद्रयान पर अटकी होंगी। हम सभी ये प्रार्थना कर रहे होंगे कि वो सकुशल चांद की सतह पर उतर जाए।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
