नेशनल डेस्क- दिल्ली में कोरोना और डेंगू के कहर के बीच स्वाइन फ्लू के मामले भी सामने आ रहे हैं। दिल्ली में 31 जुलाई तक स्वाइन फ्लू के सिर्फ दो ही मरीज मिले थे, लेकिन अगस्त से लेकर 30 सितंबर तक यह संख्या बढ़कर 80 से ज्यादा हो गई है। एम्स, सफदरजंग, आरएमएल, लेडी हार्डिंग, लोकनायक अस्पताल, मैक्स, अपोलो और फोर्टिस के अलावा आकाश अस्पताल में 31 अक्टूबर तक स्वाइन फ्लू के 80 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। हालांकि राहत की बात है कि स्वाइन फ्लू के चलते दिल्ली में अभी तक कोई मौत दर्ज नहीं की गई है।
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दिल्ली एम्स के डॉ नवल विक्रम का कहना है कि कोरोना वायरस, स्वाइन फ्लू और गंभीर श्वसन रोग इत्यादि के लक्षण लगभग एक जैसे हैं। ऐसे में यह पता करना मुश्किल है कि ये मरीज किस संक्रमण से ग्रस्त है। अगर किसी मरीज को फ्लू या सांस की दिक्कत है तो उसे जांच जरूर कराना चाहिए।
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कैसे फैलता है स्वाइन फ्लू व वैसे करें विचार
स्वाइन फ्लू खांसते या छींकते समय हवा के साथ निकलने वाली छोटी-छोटी बूंदों से को साथ-साथ हाथ मिलाने या गले मिलने फैलता है। वहीं इससे बचाव के लिए भीड़ वाले इलाकों में जाने से बचना चाहिए और दो दिन से अधिक समय तक बुखार नहीं उतरा है तो डॉक्टरों से संपर्क करें। मास्क पहनकर रखें। साफ-सफाई का ध्यान रखने के साथ ही तबीयत खराब होने पर खुद को आईसोलेट रखें।
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