पीजीआई एमएस रोहतक के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग के हेड डॉ. प्रवीण मल्होत्रा ने दावा किया हैं कि काला पीलिया की दवा कोरोना पर काबू पाने में मददगार साबित हो सकती है,,,,,जिसको लेकर इन दवाओं का ट्रायल कोरोना के मरीजों पर करने के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से अनुमति मांगी है,,,,, उनका दावा है कि काला पीलिया की दवा लेने वाले मरीजों में कोरोना का संक्रमण नहीं हुआ,,,,, दुनियाभर के कई देशों में भी काला पीलिया यानी हेपेटाइटिस की दवा कोरोना से बचाव करने में मददगार साबित हुई है,,,,, यह दावा PGIMS रोहतक की रिसर्च में किया गया है,,,,सीनियर प्रोफेसर डॉ. प्रवीण मल्होत्रा ने कहा कि कई देशों में इसको लेकर रिसर्च किया है,,,, और उनका यह रिसर्च सफल भी रहा है। सबसे बड़ी बात यह रही है कि वैक्सीन की बजाय यह दवाई कोरोनावायरस को शरीर में मारने में सक्षम साबित हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि कोरोनावायरस और हेपेटाइटिस बी वायरस की बनावट एक जैसी है और यह दोनों ही आरएनए वायरस हैं। उन्होंने कहा कि पूरे देश में यह दवा पहले से ही उपलब्ध है और दवाई का खर्च भी ज्यादा नहीं है। ऐसे में हेपेटाइटिस बी की यह दवा व को वैक्सीन एक और एक ग्यारह का काम कोरोनावायरस के खिलाफ कर सकते हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!फिलहाल देखना होगा कि सीनियर प्रोफेसर डॉ. प्रवीण मल्होत्रा का ये दावा कितना सही साबित होता हैं
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