गुरुग्राम, (ब्यूरो)। गुरुग्राम के एक अस्पताल पर एक बार फिर इलाज के नाम पर लाखों रुपए एंठने का आरोप लगा है। वही मरीज के परिजनों ने अस्पताल पर इलाज के दौरान लापरवाही बरते का भी आरोप लगाया है और इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्री और सीएम विंडो पर की है, लेकिन अभी तक शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!दिल्ली के शालीमार बाग निवासी चन्द्र भान सैनी को सीने में दर्द की शिकायत होने पर 2 अगस्त को गुरूग्राम के मेडीसिटी हाॅस्पिटल में दाखिल करवाया गया था। परिवार के अनुसार हाॅस्पिटल ने 6 लाख 35 हजार रुपए का बिल बनाया था। जिसके बाद चन्द्र भान का आॅप्रेशन हो गया था। लेकिन दो दिन बाद हास्पिटल द्वारा उन्हें एक नई बिमारी होने की बात कह पैसा जमा करवाने के लिए बोला गया। इस पर परिवार ने पैसा जमा करवा दिया। आरोप है कि हाॅस्पिटल प्रबंधन चन्द्र भान को एक के बाद एक नई बीमारी बता कर पैसा ऐठ रहा है, जबकि उनकी स्थिती में कोई सुधार नहीं हो रहा है। वही उसके बाद हर रोज बिल बढ़ाते गए जो अब करीब 28 लाख रुपए का बना दिया गया है। मरीज की स्थिति में सुधार न होने पर जब चन्द्र भान के बैठे अमित ने डाक्टरों से बात की तो डाक्टरों ने कहा कि इलाज के दौरान ऐसा होता रहता है। जब अमित ने अपने पिता को देखने की बात कही तो डाक्टरों ने मना कर दिया। जब अमित ने जिद की तो चन्द्र भान की पत्नी को मिलने की इजाजत दी गई। अमित की माने तो जब उनकी माॅ आईसीयू में पिता को मिलने के लिए पहुंची तो उनकी कमर पर घाव पाया। जब डाक्टरों से इस बारे में पूछा गया तो कोई संतोषजनक जबाव नहीं मिला। अमित का आरोप है कि हाॅस्पिटल के डाक्टर लगता उन पर मरीज को डिस्चार्ज करवाने का दबाव डाल रहे हैं, जबकि उसके पिता की हालत पहले से भी बदतर हो गई है। पिता की हालत को देखकर अमित ने हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक नयाय की गुहार लगाई है। लेकिन समाधान नहीं हो सका है।
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