हरियाणा: देशभर के बैंक कर्मचारियों के साथ शुक्रवार को हरियाणा में भी बैंक कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। यमुनानगर, हिसार, अंबाला, भिवानी और जींद समेत कई जिलों में बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हड़ताल के चलते कई बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा और बैंक पहुंचे ग्राहकों को अपने जरूरी कामों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह बैंक शाखाओं के गेट पर ताले लगे दिखाई दिए। हालांकि डिजिटल और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं चालू रहने से कुछ ग्राहकों को राहत मिली।
5 दिन का वर्किंग वीक लागू करने की प्रमुख मांग
बैंक कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग पांच दिवसीय बैंकिंग वर्किंग वीक लागू करने की है। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग व्यवस्था में सोमवार से शुक्रवार तक काम हो और शनिवार और रविवार को अवकाश रखा जाए।
यूनियन नेताओं के अनुसार, पांच दिन के कार्य सप्ताह को लेकर पहले भी बैंकिंग संगठनों के स्तर पर समझौता हुआ है, लेकिन इसका अंतिम नोटिफिकेशन जारी नहीं होने के कारण मांग अभी तक लंबित है।
कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग सेक्टर में काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में पांच दिन का वर्किंग वीक लागू होने से कर्मचारियों को राहत मिलेगी और उन्हें परिवार के लिए भी समय मिल सकेगा।
हिसार में PLA मार्केट में जुटे बैंक कर्मचारी
हिसार में सभी बैंकों के कर्मचारी PLA मार्केट में एकत्रित हुए और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। बैंक कर्मचारी यूनियन के नेता राजेश ने कहा कि कर्मचारियों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं।
उन्होंने कहा कि सोमवार से शुक्रवार तक बैंकिंग व्यवस्था लागू की जानी चाहिए और शनिवार-रविवार को छुट्टी होनी चाहिए। इसके अलावा पिछले समझौतों में तय मांगों को भी लागू करने की मांग की गई।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की।
अंबाला में कई बैंक शाखाओं पर लटके ताले
अंबाला में भी बैंक कर्मचारियों ने एक दिवसीय हड़ताल के तहत कामकाज बंद रखा। इंडियन बैंक, निकोलसन रोड के सामने कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
हड़ताल के कारण शहर की कई बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा। बैंक पहुंचे ग्राहकों को कई मामलों में बिना काम करवाए वापस लौटना पड़ा। हालांकि ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल सेवाएं जारी रहने से डिजिटल माध्यम इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को अपेक्षाकृत कम परेशानी हुई।
प्रदर्शनकारी पीसी चौहान ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार और बैंक प्रबंधन के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक उचित समाधान नहीं निकला है।
भिवानी में बैंक कर्मचारियों ने निकाला मार्च
भिवानी में भी बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और शहर में मार्च निकाला।
हड़ताल के चलते कई बैंक शाखाओं के गेट पर ताले और हड़ताल से संबंधित पोस्टर लगे रहे। इससे बैंकिंग सेवाओं के लिए पहुंचे लोगों के काम प्रभावित हुए।
ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉई एसोसिएशन के भिवानी सचिव सत्यशील कौशिक, पवन घनघस और कामरेड ओमप्रकाश ने कहा कि कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल की है। उन्होंने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है।
जींद में भी कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
जींद में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई।
यूनियन नेताओं ने कहा कि सरकार स्तर पर इस मांग को लेकर सहमति बनने के बावजूद इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में काम का दबाव बढ़ रहा है और पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू होने से कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
मांगें नहीं मानी तो तीन दिन की हड़ताल की चेतावनी
बैंक कर्मचारी नेताओं ने कहा कि शुक्रवार की हड़ताल एक दिन की सांकेतिक हड़ताल है। अगर सरकार और बैंक प्रबंधन की ओर से उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है।
यूनियन की ओर से 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिन की हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है।
ग्राहकों को हो सकती है ज्यादा परेशानी
एक दिन की हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित हुआ, लेकिन कर्मचारियों का आंदोलन आगे बढ़ने की स्थिति में बैंकिंग सेवाओं पर इसका ज्यादा असर पड़ सकता है। खासकर ऐसे ग्राहक जिन्हें शाखा में जाकर नकद लेन-देन, दस्तावेजी काम या अन्य बैंकिंग प्रक्रिया पूरी करनी होती है, उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल बैंक कर्मचारियों ने सरकार से लंबित मांगों पर जल्द फैसला लेने की अपील की है। अब देखना होगा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार और बैंक प्रबंधन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
