यमुनानगर: जिले में देर शाम पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ का मामला सामने आया है। पावनी रोड पर हुई इस मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद दोनों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। घायल आरोपियों को इलाज के लिए यमुनानगर ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस के सामने ऐसी जानकारी सामने आई है, जो 3 सितंबर को मॉडल टाउन में ट्रांसपोर्टर और फाइनेंसर हरभजन सिंह की हत्या से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ में पकड़े गए दोनों बदमाशों पर हरभजन सिंह हत्याकांड में हथियार सप्लाई करने का संदेह है।
पावनी रोड पर पुलिस और बदमाश आमने-सामने
जानकारी के अनुसार, CIA स्टाफ-2 यमुनानगर को सूचना मिली थी कि पावनी रोड पर सिल्वर रंग की बाइक पर दो संदिग्ध युवक घूम रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बाइक सवारों को रुकने का इशारा किया।
पुलिस के मुताबिक, रुकने के बजाय दोनों संदिग्धों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से 20 से ज्यादा राउंड फायरिंग होने की बात सामने आई है।
जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें काबू कर लिया और उनके कब्जे से पिस्टल बरामद किए जाने की बात कही जा रही है।
कुरुक्षेत्र के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए दोनों आरोपियों की पहचान राकेश और आर्यन के रूप में हुई है। दोनों कुरुक्षेत्र जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। शुरुआती पूछताछ में इनके गैंगस्टर काला राणा के लिए काम करने की बात सामने आने की जानकारी दी गई है।
हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में अभी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में आरोपियों की भूमिका और उनके नेटवर्क से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
हरभजन सिंह हत्याकांड से जुड़ रही कड़ी
गौरतलब है कि 3 सितंबर को यमुनानगर के मॉडल टाउन में जिम से बाहर निकलते समय हरभजन सिंह की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। हरभजन सिंह ट्रांसपोर्ट और फाइनेंस के कारोबार से जुड़े हुए थे।
इस हत्याकांड की जिम्मेदारी गैंगस्टर शुभम पंडित और रोहित गोदारा की ओर से लिए जाने की बात सामने आई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों पर हरभजन सिंह की गाड़ी पर GPS लगाने का आरोप है, जिसके जरिए उनकी लोकेशन ट्रैक की जा रही थी।
अब पावनी रोड पर हुई मुठभेड़ में पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को हत्याकांड में हथियार सप्लाई करने और आरोपियों तक पहुंचने से जुड़ी अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।
मुख्य आरोपियों तक पहुंचने में मिल सकती है मदद
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुठभेड़ में पकड़े गए दोनों आरोपियों की भूमिका अगर जांच में पुष्ट होती है, तो यह कार्रवाई हरभजन सिंह हत्याकांड की जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से आए, किसके जरिए सप्लाई किए गए और इस पूरी साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही आरोपियों के गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
फिलहाल दोनों घायल आरोपियों का यमुनानगर ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। पुलिस मामले में आगे की पूछताछ और जांच कर रही है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है।
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