चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार ने बेअदबी को लेकर एक बड़ा कदम उठाते हुए विधानसभा में ‘पंजाब पवित्र धर्मग्रंथों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम विधेयक 2025’ पेश किया। मंगलवार को इस विधेयक पर विस्तृत चर्चा पूरी हो गई है, लेकिन इसे अभी विधानसभा में पास नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के प्रस्ताव पर विधेयक को आगे की प्रक्रिया के लिए सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सेलेक्ट कमेटी इस विधेयक को लेकर अगले छह महीने के दौरान धार्मिक संस्थाओं, धर्मगुरुओं और आम जनता से रायशुमारी करेगी। इसके बाद विधेयक को पुनः विधानसभा में लाया जाएगा। इस विधेयक का उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी को रोकना और दोषियों को कड़ी सजा देना है।
बेअदबी पर कड़ी सजा का प्रावधान
विधेयक में श्री गुरु ग्रंथ साहिब, भगवद्गीता, बाइबिल, कुरान समेत सभी पवित्र धर्मग्रंथों का अपमान करने वालों के लिए 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा, बेअदबी की कोशिश करने वालों को 3 से 5 साल की सजा का प्रावधान भी विधेयक में शामिल है। अपराध में सहयोग करने वालों को भी सजा दी जाएगी।
सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का लक्ष्य
सरकार का मानना है कि यह कानून राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव, भाईचारे, शांति और सौहार्द की भावना को और मजबूत करेगा। पिछले कुछ वर्षों में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी से कई घटनाएं हुईं, जिन्होंने जन भावनाओं को आहत किया और समाज में अशांति फैलाई। इस विधेयक के लागू होने से ऐसे अपराधों पर कड़ी रोक लग सकेगी।
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