चंडीगढ़, 27 जून : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पूर्व पंजाब पुलिस प्रमुख सिद्धार्थ चटोपाध्याय ने मीडिया को बताया कि मजीठिया के नशा तस्करों से संबंध के पुख्ता और 100 प्रतिशत सबूत मौजूद हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चटोपाध्याय ने कहा कि 2021 में जब मजीठिया के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था, तब वे डीजीपी थे और केस की सुपरविजन कर रहे थे। उस वक्त भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां उनके पास थीं, लेकिन अकाली-भाजपा की गठजोड़ सरकार होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजीठिया ड्रग तस्करों से सीधे जुड़े हैं और उनकी अवैध कमाई की जानकारी विजिलेंस को दी गई है।
वहीं, मजीठिया के खिलाफ अब एक नया केस दर्ज करने की तैयारी भी शुरू हो गई है। विजिलेंस टीम ने आरोप लगाया है कि मजीठिया ने जांचकर्ताओं को धमकाया, दस्तावेजों को मिटाने की साजिश रची और समर्थकों को हमला करने के लिए उकसाया।
25 जून को अमृतसर से मजीठिया को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान 29 मोबाइल, 5 लैपटॉप, 3 आईपैड और कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। विजिलेंस के मुताबिक मजीठिया ने अवैध तरीके से 540 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा की है, जबकि उनके नियंत्रण वाली कंपनियों के बैंक खातों में 161 करोड़ रुपये नकद पाए गए हैं।
मजीठिया के वकीलों का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से की गई है। अगली सुनवाई 2 जुलाई को मोहाली अदालत में होगी।
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