चंडीगढ़,22 फरवरी : पंजाब में किसानों और केंद्र सरकार के बीच दूसरे दौर की बातचीत समाप्त हो गई है। यह बैठक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में हुई, जिसमें किसानों की समस्याओं और मांगों पर गंभीर चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने इस वार्ता को सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक बताया। अगली बैठक 19 मार्च को चंडीगढ़ में होगी।
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बैठक में क्या हुआ? बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार और किसान नेताओं के बीच एक खुला संवाद हुआ। इसमें किसानों की मांगों और उनकी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा, “हमने किसानों की समस्याओं को ध्यान से सुना है और मोदी सरकार की प्राथमिकताओं को उनके सामने रखा, जो किसानों के कल्याण से संबंधित हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत का सिलसिला जारी रहेगा।
पंजाब सरकार की प्रतिक्रिया: बैठक के बाद पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है और इस मुद्दे का सकारात्मक समाधान निकालने की पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को पूरा करने के लिए सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है।
एमएसपी पर चर्चा बैठक में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर भी चर्चा हुई। पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार को आश्वासन दिया कि इस संबंध में एक डेटा जल्द ही साझा किया जाएगा। यह डेटा इस बारे में होगा कि कौन सी फसल खुले बाजार में कितनी मात्रा में बिकती है। किसान संगठनों ने एमएसपी की कानूनी गारंटी पर जोर दिया।
भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्रियों ने किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल से भूख हड़ताल खत्म करने का अनुरोध किया।
अगली बैठक 19 मार्च को चंडीगढ़ में होगी, जिसमें किसान संगठनों और सरकार के बीच चर्चा जारी रहेगी।
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