हरियाणा में अगस्त से मानसून गतिविधियां सुप्त पड़ी है। हालांकि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव होगा। बंगाल की खाड़ी पर बने चक्रवात के कम दबाव के क्षेत्र में बदलने से बारिश की गतिविधियां होंगी। मगर, दूसरी तरफ पाकिस्तान पर बन रहा प्रति चक्रवात इसकी गतिविधियों में बाधा डालेगा। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो यह प्रति चक्रवात प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों पर कम दबाव का क्षेत्र को पहुंचने से रोकेगा।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!वर्तमान में उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवातीय सरकुलेशन बना हुआ है, जो कि 24 घंटों में एक कम दबाव का क्षेत्र में तब्दील होकर भारत के उत्तर पश्चिम में मध्य प्रदेश तक पहुंचने की संभावना है। वहीं, एक प्रति चक्रवात पाकिस्तान पर बना हुआ है, जो इस कम दबाव के एरिया को पश्चिमी हिस्सों पर नहीं पहुंचने देगा। इसका सीधा असर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ पर देखने को मिलेगा। इन राज्यों में जबरदस्त मानसून गतिविधियों को दर्ज किया जाएगा।
इस मौसम प्रणाली के असर से मानसून टर्फ रेखा अपनी सामान्य स्थिति के आसपास पहुंचने की संभावना है। इस कारण से हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली पर 6 से 9 सितंबर के दौरान आंशिक बादलवाही और पूर्वी व दक्षिणी हिस्सों पर बिखराव वाली बारिश होने की संभावना है। साथ ही साथ एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से उत्तरी हिस्सों में भी हल्की बारिश की गतिविधियों की संभावना बन रही है।
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