हरियाणा डेस्क: स्कूल बंद होने के कारण बच्चों की शिक्षा पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है और इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित सरकारी स्कूलों के बच्चे हो रहे हैं। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को शिक्षा विभाग की तरफ से ना तो ऑनलाइन क्लास मिल रही है और ना ही शिक्षा विभाग की तरफ से दिए जाने वाली निशुल्क पुस्तकें उनको मिल पाई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!शिक्षा विभाग की तरफ से किताबें नहीं मुहैया कराई गई
शिक्षा नीति के तहत कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक मुफ्त में बच्चों को किताबें दी जाती हैं और अब सरकार के आदेश के बाद कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक भी बच्चों को मुफ्त में किताबें दिए जाने का आदेश दिया गया है । एक तरफ जहां नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। इसको शुरू हुए 1 महीना बीत चुका है तो वही बच्चों को अभी तक भी शिक्षा विभाग की तरफ से किताबें नहीं मुहैया कराई गई है।

ये कहना है परिजनों का ..
आलम यह है कि, सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई की चिंता करने वाला शिक्षा विभाग खुद ही राम भरोसे चल रहा है। बच्चों तक नई किताबें ना पहुंचने का कारण शिक्षा विभाग कोरोना और ट्रांसपोर्ट की कमी बता रहा है। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं के परिजनों ने भी सरकारी स्कूल और सरकारी विभाग के दावों की पोल खोल कर रखता है।

अभिभावकों का कहना इतना तो बच्चों को नई किताबें मिल रही है और उनसे पहले ऑनलाइन क्लास के लिए बोला गया था लेकिन आज तक भी कोई ऑनलाइन क्लास स्कूल टीचर की तरफ से लगाई गई है । उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है लेकिन उनके बच्चों की तरफ ध्यान देने वाला कोई नहीं है।
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