चंडीगढ़ ,26 फरवरी। पंजाब और हरियाणा के किसान, जिनकी मुख्य मांगें एमएसपी (मिनिमम सपोर्ट प्राइस) और अन्य मुद्दों को लेकर शंभू बॉर्डर और खनौरी बार्डरों पर एक साल से भी ज्यादा समय से धरने पर बैठे हैं, उनका संघर्ष अब और भी गहरा होता जा रहा है। इस बीच, किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल जो कि पिछले 93 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे, उनका स्वास्थ्य अब अत्यंत गंभीर स्थिति में पहुँच चुका है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बुखार और गंभीर स्वास्थ्य संकट
बुधवार सुबह 5 बजे, डल्लेवाल को बुखार की तीव्र स्थिति का सामना करना पड़ा। उनका तापमान 103.6 डिग्री तक पहुँच गया, जिससे किसान समुदाय में घबराहट फैल गई है। डल्लेवाल की सेहत को लेकर डॉक्टरों की एक टीम लगातार निगरानी रखे हुए है, लेकिन उनकी हालत में कोई विशेष सुधार नहीं हो रहा है।
मेडिकल रिपोर्ट से सामने आई गंभीर स्थिति
हाल ही में आई मेडिकल रिपोर्ट में डल्लेवाल की यूरिन जांच में “कीटोन +ve” पाया गया, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकेत माना जा रहा है। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है और उनके इलाज के लिए आपातकालीन चिकित्सा सहायता तैयार रखी गई है। यह स्थिति दर्शाती है कि डल्लेवाल के शरीर में कमजोरी लगातार बढ़ रही है, और उनकी जान को भी खतरा हो सकता है।
सरकार के साथ बैठक के बाद बिगड़ा स्वास्थ्य
किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ के अनुसार, 22 फरवरी को सरकार के साथ हुई बैठक के बाद डल्लेवाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें रातभर चंडीगढ़ में रुकना पड़ा, और अगले दिन सुबह उनकी स्थिति में कोई सुधार न होने के कारण उन्हें खनौरी किसान मोर्चे पर वापस लाया गया। किसान संगठनों ने अब सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील की है ताकि डल्लेवाल के स्वास्थ्य को और अधिक नुकसान न पहुंचे और उनकी जान को बचाया जा सके।
किसान संगठनों का अपील
किसान संगठनों ने सरकार से आग्रह किया है कि डल्लेवाल के स्वास्थ्य संकट को गंभीरता से लिया जाए और उनकी जान बचाने के लिए जल्द से जल्द कोई ठोस कदम उठाया जाए। किसान नेताओं का कहना है कि सरकार अगर अब भी सक्रिय नहीं होती, तो यह किसान आंदोलन एक भयावह मोड़ ले सकता है।
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