Saturday , 25 July 2026

13 साल का नाबालिक बना हैवान, 6 साल की मासूम को रेप के बाद उतारा मौत के घाट

इंटरनेशनल डेस्क- यूक्रेन में एक दिलदहलाने वाला मामला सामने आया है। जहां पर एक छह साल की बच्ची को बलात्कार के बाद बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं बल्कि पड़ोस में रहने वाला 13 साल का नाबालिग है। आरोपी बच्ची को सेब का लालच देकर अपने साथ ले गया और फिर बलात्कार के बाद पत्थर से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। गौर करने वाली बात ये है कि, यह खौफनाक क्राइम करने के बाद भी आरोपी अपनी उम्र के चलते जेल जाने से बच जाएगा। एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरपूर्वी यूक्रेन के स्टारी साल्टोव गांव में रहने वाली मिरोस्लावा त्रेताक का शव उसके घर के पास ही सेब के बागान में मिला था। उसके शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं था और पूरी बॉडी खून से लथपथ थी।

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वार से हड्डी तक टूट गई

मासूम के सिर पर पत्थर से इतनी बार वार किया गया था कि हड्डी तक टूट गई थी। बच्ची को आखिरी बार उसके 13 वर्षीय पड़ोसी के साथ देखा गया था। इसी आधार पर जब पुलिस ने जांच शुरू की तो खौफनाक सच सामने आया। जब बच्ची काफी देर तक घर वापस नहीं लौटी, तो मां तातियाना त्रेताक ने पुलिस में शिकायत की। इसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ और पीड़िता के घर के नजदीक ही पुलिस को उसका शव मिला। बॉडी की हालात देखकर अधिकारी भी सकते में आ गए।  पुलिस ने बताया कि, आरोपी ने पहले बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाया फिर बेरहमी से उसे मौत के घाट उतार दिया। वो तब तक बच्ची के सिर पर पत्थर से वार करता रहा, जब तक कि उसने दम नहीं तोड़ दिया।, इसके बाद वो वहां से अपने घर गया और कपड़े बदले।

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आरोपी को बाल सुधार गृह में भेजा जा सकता है

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि, आरोपी का व्यवहार शुरू से ही अच्छा नहीं रहा है। वो दूसरे बच्चों को मारता है। एक बार उसने बिल्ली के बच्चे को जमीन पर पटक-पटककर मार डाला था। पीड़ित परिवार चाहता है कि, आरोपी को सख्त से सख्त सजा दी जाए, लेकिन, ऐसा संभव नहीं होगा। क्योंकि यूक्रेन के कानून के मुताबिक, 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को जेल नहीं भेजा जाता। आरोपी को बाल सुधार गृह में भेजा जा सकता है। उधर, आरोपी के परिवार का कहना है कि यदि पूर्व के अपराधों के लिए प्रशासन ने उनके बच्चे को सही सजा दी होती, तो आज शायद ये नहीं होता।

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