वैसे तो दुनिया में अनोखे अनोखे रिकाॅर्ड बनते ही रहते हैं। लेकिन हिसार के केंद्रीय भैंस अनुसंधान ने जो अनोखा रिकाॅर्ड बनाया उसे जानकर हर कोई हैरान है। दरअसल इस संस्थान ने एक साथ आठ भैंसों का क्लोन तैयार किया है। जो कि अपने आप मे ही एक वल्र्ड रिकाॅर्ड है। तो वहीं इस टीम की उपलब्धि पर कृषि मंत्री ने इन्हें सम्मानित भी किया है। साइंटिस्ट की टीम को कृषि मंत्री ने नानाजी देशमुख अवाॅर्ड और 5 लाख का नकद इनाम देकर सम्मानित किया है। केदं्रीय भैंस अनुंसधान के निदेशक डा.सतबीर सिंह ने क्लोनिंग के बारे में जानकारी दी। उन्होने बताया कि भैसे की नस्ल एम-29 के साथ और हिसार गौरव के एक भैंसे का रिक्लोन तैयार किया है। जल्द ही उच्च गुणवत्ता वाली भैस का क्लोन भी संस्थान के वैज्ञानिक तैयार करेंगा।
हिसार की इस प्रयोगशाला में क्लोनिंग से तैयार आठ कटड़ों से उनके जीवनकाल में लगभग दस लाख सीमन डोज तैयार की जा सकेगी। इससे भैंसों की नसल मे सुधार होगा और किसान अपनी आमदनी भी बढा सकेगे। आपको बता दे कि भारत में लगभग 11 करोड के लगभग भैंसे है जो दुनिया की आबादी का 56 प्रतिशत से अधिक है। हरियाणा प्रदेश में 10 लाख से ज्यादा भैंसे है। 2015 में सीआईआरबी में हिसार गौरव का क्लोन तैयार किया गया था।
विश्व में ऐसा पहली बार हुआ है। जब एक भैंसे से ही सात क्लोन कटड़े और पहले से क्लोन किये गये एक भैंसे से रीक्लोन करके एक कटड़ा तैयार किया गया हो। ऐसा करके केन्द्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने एक वैश्विक कीर्तिमान स्थापित किया है। आम बोलचाल की भाषा में कहें तो ये सभी आठ कटड़े मौजूदा झोटों की फोटोकॉपी हैं।
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