Sunday , 27 September 2026
हरियाणा PGT कंप्यूटर साइंस भर्ती पर अंतरिम रोक
हरियाणा PGT कंप्यूटर साइंस भर्ती पर अंतरिम रोक

हरियाणा PGT कंप्यूटर साइंस भर्ती पर अंतरिम रोक, 1100 चयनित अभ्यर्थियों में बढ़ी चिंता|

चंडीगढ़: हरियाणा में PGT कंप्यूटर साइंस भर्ती को लेकर मामला एक बार फिर चर्चा में है। HPSC की विज्ञापन संख्या 23/2026 के तहत भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने और चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन के बाद नियुक्तियों को लेकर कानूनी अड़चन सामने आई है। 1100 चयनित अभ्यर्थियों की ओर से सरकार और शिक्षा विभाग को भेजे गए पत्र में नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।

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HPSC ने वर्ष 2026 में PGT कंप्यूटर साइंस के लिए ROH और मेवात कैडर में भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। आधिकारिक भर्ती विज्ञापन में कुल 1,672 पद बताए गए थे, जिनमें 1,594 पद ROH और 78 पद मेवात कैडर के थे।

भर्ती प्रक्रिया में आगे बढ़ चुके थे चयनित अभ्यर्थी

चयनित अभ्यर्थियों की ओर से भेजे गए पत्र के अनुसार, HPSC की ओर से चयन प्रक्रिया पूरी कर सफल उम्मीदवारों की अनुशंसा शिक्षा विभाग को भेजी गई थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया भी कराई।

शिक्षा विभाग की ओर से सितंबर में PGT कंप्यूटर साइंस के चयनित अभ्यर्थियों के लिए दस्तावेज सत्यापन का कार्यक्रम जारी किया गया था। सत्यापन 11 और 12 सितंबर को पंचकूला स्थित उत्कर्ष सोसाइटी कार्यालय में निर्धारित किया गया था।

चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि नियुक्ति की उम्मीद में कई उम्मीदवार अपनी पिछली नौकरियां तक छोड़ चुके हैं और अब नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे हैं।

17 सितंबर को हाईकोर्ट में दायर हुई याचिका

अभ्यर्थियों के पत्र के मुताबिक, शिक्षा विभाग में अनुबंध के आधार पर कार्यरत एक वोकेशनल शिक्षक राजेश कुमार की ओर से चयनित अभ्यर्थियों की योग्यता से जुड़े मुद्दे को लेकर 17 सितंबर 2026 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में CWP 30765/2026 दायर की गई।

पत्र में दावा किया गया है कि इसके अगले दिन 18 सितंबर को चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियों पर अंतरिम रोक लगा दी गई। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिले बिना नियुक्तियां रुक गईं।

हालांकि, इस दावे और 18 सितंबर के कथित अंतरिम आदेश की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों से नहीं हो सकी है। इसलिए इस संबंध में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष के तौर पर कोई दावा नहीं किया जा सकता।

पहले के मामलों का भी दिया गया हवाला

चयनित अभ्यर्थियों ने अपने पत्र में वर्ष 2020 के एक पुराने मामले का भी उल्लेख किया है। उनका दावा है कि संबंधित मामले को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच पहले ही खारिज कर चुकी थी और उस समय राज्य सरकार को संबंधित मुद्दे पर निर्धारित अवधि में निर्णय लेने के निर्देश दिए गए थे।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि वर्तमान याचिका में पुराने मामले से जुड़े सभी तथ्यों को पूरी तरह सामने नहीं रखा गया, जिसके कारण मौजूदा भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई। यह आरोप फिलहाल अभ्यर्थियों के पत्र में किए गए दावे हैं और इन पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष उपलब्ध नहीं है।

2025 की भर्ती का भी हवाला

पत्र में वर्ष 2025 की भर्ती प्रक्रिया का भी उल्लेख किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों का दावा है कि उस भर्ती में भी संबंधित योग्यता मानदंड के आधार पर चयन हुआ था और नियुक्तियां दी गई थीं।

उन्होंने हाईकोर्ट में पहले सामने आए मामलों का हवाला देते हुए सरकार से मौजूदा भर्ती में भी मजबूती से अपना पक्ष रखने की मांग की है।

चयनित अभ्यर्थियों की सरकार से मांग

1100 नव-चयनित अभ्यर्थियों की ओर से भेजे गए पत्र में सरकार और शिक्षा विभाग से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया है। अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि कानूनी प्रक्रिया के बीच उनकी नियुक्ति को लेकर सरकार प्रभावी तरीके से अपना पक्ष रखे और भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी कदम उठाए।

अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के कई महत्वपूर्ण चरण पूरे हो चुके हैं और दस्तावेज सत्यापन भी कराया जा चुका है। ऐसे में नियुक्तियों के रुकने से बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

भर्ती फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी

PGT कंप्यूटर साइंस भर्ती से संबंधित अन्य कानूनी मामले भी इस साल हाईकोर्ट के सामने आए हैं। सितंबर में हाईकोर्ट ने PGT कंप्यूटर साइंस भर्ती के परिणाम को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं पर सुनवाई की थी, जिनमें चयन प्रक्रिया और Subject Knowledge Test से जुड़े सवाल उठाए गए थे।

इसलिए मौजूदा विवाद में अंतिम स्थिति संबंधित याचिका और न्यायालय के आगामी आदेशों पर निर्भर करेगी। फिलहाल चयनित अभ्यर्थी सरकार से नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।

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