चंडीगढ़, 29 जुलाई 2025 – हरियाणा में लिंगानुपात सुधार और अवैध गर्भपात को रोकने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव के निर्देश पर राज्य टास्क फोर्स (एसटीएफ) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने की। बैठक में अवैध गर्भपात के खिलाफ सख्त कदम उठाने और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को तेज करने पर विशेष जोर दिया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लिंगानुपात में सुधार, सरकार के प्रयास रंग ला रहे हैं
बैठक में बताया गया कि इस साल 1 जनवरी से 28 जुलाई तक हरियाणा का लिंगानुपात 905 तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 899 था। यह सुधार राज्य सरकार के लगातार प्रयासों और कड़ी कार्रवाई का नतीजा है।
अवैध गर्भपात के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश
अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने अवैध गर्भपात में संलिप्त डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया। दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों के लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ ऐसे सभी क्लिनिक और अस्पतालों को सील किया जाएगा जो इस गैरकानूनी प्रथा में शामिल हैं। साथ ही, इन केंद्रों को आयुष्मान भारत योजना की सूची से हटाया जाएगा और उन्हें दी जाने वाली अन्य सरकारी सुविधाएं भी बंद कर दी जाएंगी।
रिवर्स ट्रैकिंग से अवैध गर्भपात की रोकथाम
राज्य में 12 सप्ताह से अधिक के गर्भपात के मामलों में रिवर्स ट्रैकिंग लागू की जा रही है, खासकर उन महिलाओं के मामलों में जिनकी पहले से बेटियां हैं। इस प्रक्रिया के तहत पिछले सप्ताह 10 और एफआईआर दर्ज की गईं।
पांच जिलों में लिंगानुपात में गिरावट, कड़े आदेश जारी
बैठक में यह भी कहा गया कि अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, पलवल और सिरसा जिलों में लिंगानुपात में गिरावट आई है। इन जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) की सभी शक्तियां वापस लेकर उन्हें पड़ोसी जिलों के सीएमओ को सौंपी गई हैं। साथ ही, इन जिलों के नोडल अधिकारियों को चार्जशीट कर नए अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
विशेष राज्य दस्ते गठित, सुधार की निगरानी कड़ी
इन जिलों में अवैध गर्भपात को रोकने के लिए एचसीएस और वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष राज्य दस्ते (स्कवॉड) बनाए जाएंगे, जो सुधारात्मक कार्रवाई की निगरानी करेंगे। वहीं, बेहतर प्रदर्शन वाले जिलों को प्रोत्साहित कर उनके प्रयासों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
अवैध गर्भपात में शामिल डॉक्टरों की जानकारी देने पर 1 लाख रुपये नकद इनाम
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने यह भी घोषणा की कि लिंग निर्धारण परीक्षण और अवैध गर्भपात में संलिप्त डॉक्टरों या झोलाछाप चिकित्सकों की सटीक जानकारी संबंधित सीएमओ को देने वाले किसी भी व्यक्ति को 1 लाख रुपये नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इससे जनता को इस गैरकानूनी प्रथा के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
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