चंडीगढ़, 8 जुलाई – हरियाणा सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 6.36 लाख परिवारों को बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी से बाहर कर दिया है। परिवार पहचान पत्र (PPP) के माध्यम से हुई जांच में इन परिवारों की सालाना आय 1.80 लाख रुपये से अधिक पाई गई, जिसके चलते इन्हें बीपीएल लाभार्थियों की सूची से हटा दिया गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!चार महीने पहले तक राज्य में BPL परिवारों की संख्या 52.50 लाख थी, जो अब घटकर 46.14 लाख रह गई है। इन परिवारों को अब सस्ती दरों पर राशन, तेल, दाल, चीनी जैसी सरकारी सुविधाएं नहीं मिलेंगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मार्च में स्पष्ट कर दिया था कि यदि किसी की आय सीमा तय मानकों से अधिक है, तो वे स्वेच्छा से बीपीएल सूची से नाम हटवा लें। अन्यथा जांच के बाद न केवल लाभ बंद होंगे, बल्कि गलत तरीके से मिली सुविधाओं की वसूली और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
सरकार के इस फैसले से जहां व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की कोशिश हुई है, वहीं लाखों परिवारों के लिए यह झटका साबित हुआ है।
विपक्ष ने इस पर सरकार को घेरते हुए कहा है कि यह कदम बिना पर्याप्त पुनः मूल्यांकन और गरीबों की स्थिति समझे उठाया गया है। वहीं, सरकार का दावा है कि यह प्रक्रिया पात्रता के आधार पर की गई है और जरूरतमंदों को ही सुविधाएं मिलनी चाहिए।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
