चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव की अध्यक्षता में हुई विशेष उच्च अधिकार प्राप्त खरीद समिति (SHPPC) की बैठक में दवाओं, मेडिकल उपकरणों, जांच किट, ऑक्सीजन प्लांट और मरीजों से जुड़ी सुविधाओं को लेकर कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बैठक में जिला अस्पतालों में रक्तदान और ट्रांसफ्यूजन सेवाओं को मजबूत करने के लिए करीब 4.18 करोड़ रुपये की लागत से 9 ब्लड डोनेशन वैन के लिए दो साल का रेट कॉन्ट्रैक्ट तय किया गया। इन मोबाइल वैन की मदद से अलग-अलग स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित करने और सुरक्षित रक्त की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
करनाल में CT स्कैन और MRI सेवाओं की दरें तय
बैठक में सिविल अस्पताल करनाल में PPP मोड के तहत CT स्कैन और MRI स्कैन सेवाओं की दरें भी तय की गईं। इससे मरीजों को सरकारी अस्पताल में आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।
ड्रग वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स सिस्टम होगा मजबूत
सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं और टीकों के सुरक्षित भंडारण तथा बेहतर इन्वेंट्री प्रबंधन के लिए भी खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
इसके तहत 274 स्टार्टर्स और एक्सटेंशन रैक के लिए करीब 1.94 करोड़ रुपये और 50 KVA क्षमता वाले 9 डीजल जनरेटर सेट के लिए करीब 86.23 लाख रुपये के दो वर्षीय अनुबंध को अंतिम रूप दिया गया।
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य दवाओं के भंडारण के साथ-साथ बिजली की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
आंख और कान से जुड़ी चिकित्सा सुविधाओं में होगा विस्तार
नेत्र विज्ञान और ENT सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए भी कई उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी गई।
इसमें 6 ऑप्टिकल बायोमीटर, 13 ENT ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप और 6 एडवांस्ड फेको इमल्सीफिकेशन मशीनें शामिल हैं। इन उपकरणों की कुल अनुमानित लागत करीब 12.22 करोड़ रुपये बताई गई है।
TB की जांच के लिए 1 लाख माइक्रो-PCR टेस्ट किट
गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान के लिए TB जांच व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। बैठक में 1 लाख माइक्रो-PCR TB टेस्ट किट यानी Truenat Chips के लिए करीब 6.72 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर दर स्वीकृत की गई।
इन किट के जरिए TB की तेज और सटीक जांच में मदद मिलने की उम्मीद है।
जिला अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट के रखरखाव पर 8.55 करोड़
जिला अस्पतालों में लगाए गए PSA ऑक्सीजन प्लांट्स के सुचारू संचालन और रखरखाव के लिए 8.55 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
इसका उद्देश्य अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखना है, खासकर आपातकालीन और गंभीर मरीजों की जरूरत को देखते हुए।
मेडिकल कंज्यूमेबल्स और आयुष दवाओं के लिए भी बजट
बैठक में प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी मेडिकल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़े बजट को मंजूरी दी गई।
इसमें नियमित मरीज देखभाल, क्लीनिकल और सर्जिकल सेवाओं के लिए करीब 132 करोड़ रुपये के मेडिकल कंज्यूमेबल्स शामिल हैं। वहीं सरकारी आयुष स्वास्थ्य सुविधाओं में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए करीब 80 करोड़ रुपये की आयुष दवाओं का प्रावधान किया गया।
एंटी-रेबीज वैक्सीन और एनीमिया रोकथाम पर जोर
रेबीज संक्रमण के जोखिम वाले लोगों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए करीब 12.10 करोड़ रुपये की एंटी-रेबीज वैक्सीन के लिए भी प्रावधान किया गया।
इसके अलावा स्कूली बच्चों में एनीमिया की रोकथाम के लिए वीकली आयरन एंड फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स (WIFS) की जूनियर सप्लाई के लिए करीब 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
HIV और सिफलिस की शुरुआती जांच के लिए ड्यूल किट
गर्भवती महिलाओं और अन्य मरीजों में HIV तथा सिफलिस की शुरुआती जांच के लिए करीब 2.10 करोड़ रुपये के ड्यूल टेस्ट किट की दरें भी तय की गई हैं।
इससे संक्रमण की शुरुआती पहचान और समय पर उपचार शुरू करने में मदद मिल सकती है।
सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुधारने पर फोकस
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा कि इन फैसलों का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में दवाओं, टीकों, जांच किट और जरूरी चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
सरकार के अनुसार, खरीद और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत करने के साथ आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
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