Haryana News : हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए स्वास्थ्य विभाग के अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता दिखाई है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने मंगलवार को चंडीगढ़ में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य पर्यवेक्षक (पुरुष/महिला) और आशा वर्कर यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत बैठक कर उनकी मांगों और कार्यस्थल से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) हरियाणा के मिशन निदेशक आर. एस. ढिल्लो, निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यूनियन प्रतिनिधियों ने रखीं अपनी मांगें
बैठक के दौरान स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों और आशा वर्कर यूनियन के प्रतिनिधियों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों, कार्य संबंधी समस्याओं और सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष रखा। मंत्री ने सभी पक्षों की बात ध्यानपूर्वक सुनी और कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। आरती सिंह राव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कर्मचारियों की सभी न्यायोचित मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामले का समाधान तय समयसीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक प्रतीक्षा का सामना न करना पड़े।
स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं आशा वर्कर और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बहुउद्देशीय स्वास्थ्य पर्यवेक्षक और आशा वर्कर राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं। ये कर्मचारी गांव-गांव और शहरी क्षेत्रों में लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इनके हितों की सुरक्षा और बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
लंबित मामलों की प्रक्रिया तेज करने पर जोर
बैठक के अंत में स्वास्थ्य मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि यूनियन द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई की जाए और संबंधित फाइलों की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आ सकें।
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