चंडीगढ़, 2 जून — हरियाणा सरकार ने एक और बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कुमारी आरती सिंह राव के नेतृत्व में राज्य के स्वास्थ्य विभाग में ‘जियो-फेंसिंग आधारित उपस्थिति प्रबंधन प्रणाली’ लागू कर दी गई है, जो न केवल कर्मचारियों की हाजिरी को मॉनिटर करेगी, बल्कि अब उनका वेतन भी इसी सिस्टम के डेटा पर आधारित होगा।
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यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) हरियाणा द्वारा विकसित की गई है और इसका उद्देश्य जवाबदेही, पारदर्शिता और कार्यकुशलता को बढ़ावा देना है। अब कर्मचारियों को ‘GeoFenced Attendance HRY’ मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने कार्यालय की निर्धारित सीमा (जियो-फेंस) में रहकर ही उपस्थिति दर्ज करनी होगी। यह ऐप Google Play Store और Apple App Store दोनों पर उपलब्ध है।
सिस्टम से क्या बदलेगा?
अब कोई भी कर्मचारी कार्यालय से बाहर रहकर उपस्थिति दर्ज नहीं कर सकेगा।
वेतन का भुगतान सिर्फ उन्हीं कर्मचारियों को होगा, जिनकी उपस्थिति ऐप में दर्ज होगी।
यह तकनीक कदाचार पर रोक लगाने और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए बेहद कारगर साबित होगी।
मंत्री आरती सिंह राव का बयान
> “यह कदम स्वास्थ्य विभाग में अनुशासन, जवाबदेही और दक्षता सुनिश्चित करेगा। इससे सेवा वितरण में सुधार होगा और राज्य के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। यह पहल ‘डिजिटल इंडिया’ के विजन को मजबूत करती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस नई प्रणाली का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
डिजिटल इंडिया की ओर एक और कदम
इस निर्णय को हरियाणा सरकार की ई-गवर्नेंस रणनीति के तहत एक “गेम चेंजर” के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिस्टम आने वाले समय में अन्य विभागों में भी लागू किया जा सकता है, जिससे सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता को और मजबूती मिलेगी।
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