अंबाला , 5 जुलाई 2025 – हरियाणा में भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं में भारी घोटाला सामने आया है। राज्य के श्रम मंत्री अनिल विज ने आज बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता की आशंका है, जहां फर्जी पंजीकरण कर सरकारी योजनाओं का अनुचित लाभ उठाया गया।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन – जिलावार जांच के आदेश
श्रम मंत्री ने बताया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने प्रदेश के सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में श्रमिकों की कार्य रसीद की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करें। इन समितियों में श्रम विभाग के एक प्रतिनिधि के साथ दो स्वतंत्र राजपत्रित अधिकारी शामिल होंगे। ये समितियां हर गांव और शहर में जाकर पंजीकरण प्रक्रिया और कार्य रसीद की भौतिक जांच करेंगी और तीन माह में अपनी रिपोर्ट देंगी।
6 जिलों में जांच के दौरान भारी गड़बड़ियां
अनिल विज ने कहा कि पहले चरण में 6 जिलों – हिसार, कैथल, जींद, सिरसा, फरीदाबाद और भिवानी – में तीन माह की अवधि (नवंबर 2024 – जनवरी 2025) की जांच की गई। जांच में बेहद चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आईं:
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हिसार में एक कर्मचारी ने अकेले 84,741 आवेदन सत्यापित किए, जिनमें से कई फर्जी पाए गए।
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एक दिन में 2,646 कार्य रसीदों का सत्यापन किया गया, जो मानवीय रूप से संभव नहीं।
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फरीदाबाद में भी एक कर्मचारी द्वारा सत्यापित की गई रसीदों में से 1,918 आवेदन सोनीपत जिले से संबंधित पाए गए।
विज ने कहा, “यह एक संगठित लूट है। लगता है किसी पार्टी विशेष के लोगों का फर्जी पंजीकरण कर योजनाओं का गलत फायदा उठाया गया है।”
“श्रमिक नहीं, योजनाएं लूटने वाले” – विज
श्रम मंत्री ने कहा, “जो लोग पात्र ही नहीं हैं, वे श्रमिक योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। यह राज्य सरकार को सीधे-सीधे करोड़ों रुपये की चपत लगाने वाला कृत्य है।” उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले में महाधिवक्ता को लिखा गया है ताकि दोषियों के खिलाफ क्रिमिनल प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा सके।
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