Friday , 11 September 2026
हरियाणा में बनने जा रही है देश की सबसे बड़ी ‘सेफ जंगल सफारी’, 10 हजार एकड़ में फैला होगा नया टूरिस्ट हॉटस्पॉट

हरियाणा में बनने जा रही है देश की सबसे बड़ी ‘सेफ जंगल सफारी’, 10 हजार एकड़ में फैला होगा नया टूरिस्ट हॉटस्पॉट

हरियाणा सरकार ने प्रदेश में पर्यटन और पर्यावरण को नई पहचान देने के लिए बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि अरावली की पहाड़ियों पर 10,000 एकड़ में फैली एक विशाल जंगल सफारी बनाई जाएगी। खास बात यह है कि इस जंगल सफारी में शेर, बाघ या चीता जैसे खतरनाक जानवर नहीं होंगे, बल्कि केवल ऐसे जीव-जंतु रखे जाएंगे जो इंसानों के लिए सुरक्षित हों।

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जंगल सफारी: पर्यावरण से समझौता नहीं

मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए हैं कि यह सफारी पूरी तरह पर्यावरणीय नियमों के तहत बनेगी। सफारी क्षेत्र में ऐसे पौधे लगाए जाएंगे जो बरसात में तेजी से बढ़ सकें और इलाके को हरा-भरा बनाए रखें। इसके साथ ही पर्यावरण और वन विभाग की अन्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई है ताकि हरियाणा को एक इको-फ्रेंडली राज्य के रूप में विकसित किया जा सके।


अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर में ड्रेनेज सिस्टम का मेकओवर

बैठक में तीन जिलों — अंबाला, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर — में ड्रेनेज और सीवरेज सुधार को लेकर भी अहम फैसले लिए गए। सीएम ने आदेश दिए कि फैक्ट्रियों और सीवर का गंदा पानी सीधे नालों में नहीं जाना चाहिए। इसके लिए हर जिले में ऐसे स्थानों की पहचान कर सख्त कदम उठाए जाएंगे। अगले तीन महीनों में इन जिलों में साफ बदलाव देखने को मिलेगा।


पर्यटन और संस्कृति को मिलेगा 100 करोड़ का संबल

हरियाणा सरकार ने इस साल पर्यटन और सांस्कृतिक विकास के लिए 100 करोड़ रुपए का बजट जारी किया है। इसका उद्देश्य तीज-त्योहारों, मेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आम जनता की भागीदारी को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पर्यटन विभाग और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग मिलकर पूरे राज्य में उत्सवों का आयोजन करें, जिससे सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को बल मिल सके।


यादवेंद्र गार्डन और टिक्करताल को मिलेगा नया रूप

बैठक में यह भी बताया गया कि पिंजौर स्थित ऐतिहासिक यादवेंद्र गार्डन और मोरनी हिल्स के टिक्करताल का पुनर्विकास किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने 90 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इन स्थलों को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने का लक्ष्य है।


दशहरे पर कुरुक्षेत्र में क्राफ्ट मेला, मिलेगा स्थानीय कारीगरों को मंच

इस बार अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड क्राफ्ट्स मेले का आयोजन दशहरा और दीपावली के बीच भी होगा। खास आयोजन कुरुक्षेत्र में होगा, जहां क्राफ्ट मेला लगाया जाएगा। यह मेला न केवल सांस्कृतिक विरासत को उजागर करेगा, बल्कि स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों को भी एक मजबूत मंच देगा।

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