कुरुक्षेत्र, 16 दिसंबर: हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने जनवरी में होने वाले हरियाणा गुरुद्वारा कमेटी के चुनाव को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चुनाव में ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के इस्तेमाल पर अपने असंतोष का इज़हार करते हुए कहा कि ईवीएम पर कोई भरोसा नहीं है, और उन्होंने मांग की कि यदि चुनाव कराने हैं, तो ईवीएम के साथ बैलेट पेपर भी रखा जाए, ताकि हरियाणा के सिख समाज के लोग दोनों तरीकों से अपने वोट का प्रयोग कर सकें।
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जगजीत सिंह डल्लेवाल की स्वास्थ्य स्थिति पर चिंता
झींडा ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि डल्लेवाल की स्वास्थ्य स्थिति बहुत नाजुक है और उनकी तबियत इतनी बिगड़ चुकी है कि किसी भी समय कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि सरकार डल्लेवाल की मांगों को जल्द स्वीकार करे ताकि उनकी जान को खतरा न हो।
आसींद सिख समाज से चुनाव लड़ने का फैसला
झींडा ने स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद चुनाव लड़ने का फैसला नहीं लिया है, बल्कि यह निर्णय आसींद के सिख समाज द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी की कोर कमेटी इस मुद्दे पर विचार करेगी और यह फैसला करेगी कि वे इस चुनाव में उम्मीदवार के तौर पर उतरे या नहीं। झींडा ने कहा कि आसींद के सिख समुदाय के लोग इस फैसले में अहम भूमिका निभाएंगे और वे जो भी निर्णय लेंगे, वह उन्हें स्वीकार होगा।
पंथक अकाली दल की राज्य स्तरीय बैठक में उम्मीदवारों की घोषणा
झींडा ने आगे बताया कि कुरुक्षेत्र में पंथक अकाली दल की राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें हरियाणा गुरुद्वारा कमेटी के चुनाव में उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी। इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता चुनावी रणनीतियों पर चर्चा करेंगे और किस उम्मीदवार को चुनावी मैदान में उतारना है, इसका फैसला लिया जाएगा।
झींडा ने कहा कि पंथक अकाली दल सिख समुदाय के हितों के लिए काम करेगा और उनका मुख्य उद्देश्य गुरुद्वारा कमेटी के चुनाव में सही नेतृत्व को चुनना है जो सिख समाज की आवाज़ को मजबूती से उठाए।
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