चंडीगढ़, 2 जून 2025 — हरियाणा सरकार ने किसानों को राहत पहुंचाने और उनकी उपज को उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से 1 जून से सूरजमुखी की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह खरीद 30 जून 2025 तक राज्य के पांच जिलों की 17 मंडियों में की जाएगी। यह जानकारी हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने दी।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!किसानों को मिलेगा एमएसपी से अधिक मूल्य का लाभ
राजेश नागर ने बताया कि भारत सरकार ने मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत 8883 मीट्रिक टन सूरजमुखी की खरीद की स्वीकृति प्रदान की है। इस वर्ष सूरजमुखी का बाजार भाव 6400 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है, जबकि सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 7280 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। यानी किसानों को मंडी में बाजार से बेहतर कीमत मिलने की गारंटी है।
“मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पर रिकॉर्ड पंजीकरण
राज्य में इस वर्ष 76,785 एकड़ में सूरजमुखी की बिजाई की गई है और 18166 किसानों ने “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर सूरजमुखी की फसल के लिए पंजीकरण करवाया है। कृषि विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 44,062 मीट्रिक टन सूरजमुखी के उत्पादन की संभावना है।
खरीद केंद्रों पर सरकारी एजेंसियां तैनात
सरकार ने सूरजमुखी खरीद के लिए हैफेड और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन को जिम्मेदारी सौंपी है। ये एजेंसियां राज्य के पांच प्रमुख जिलों की 17 अधिसूचित मंडियों में सूरजमुखी की खरीद सुनिश्चित करेंगी, ताकि किसानों को कोई असुविधा न हो।
किसानों को समय पर भुगतान और पारदर्शी प्रक्रिया का आश्वासन
राज्य सरकार ने मंडियों में खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए आवश्यक प्रबंध किए हैं। किसानों को उपज बेचने के बाद समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही खरीद केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पेयजल, वजन माप और परिवहन की उचित व्यवस्था की गई है।
सरकार की अपील
राज्य सरकार ने सभी पंजीकृत किसानों से अपील की है कि वे अपने निर्धारित खरीद केंद्रों पर उपज लेकर आएं और किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए मंडी अधिकारियों से संपर्क करें।
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