नई दिल्ली, 12 जुलाई 2025: हरियाणा के रियल एस्टेट घोटाले में फंसे कांग्रेस के पूर्व विधायक और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के करीबी धरम सिंह छोकर को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। देश की सर्वोच्च अदालत ने उनकी मेडिकल आधार पर मिली अंतरिम जमानत को खारिज करते हुए तत्काल सरेंडर करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि छोकर ने अदालत को गुमराह किया है और न्यायिक प्रक्रिया का मज़ाक उड़ाया है।
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कोर्ट ने ठुकराई मेडिकल बेल बढ़ाने की याचिका
छोकर ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर अंतरिम जमानत की अवधि बढ़वाने की याचिका लगाई थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि ऑपरेशन के नाम पर बेल ली गई थी, लेकिन आज तक कोई सर्जरी नहीं करवाई गई। यहां तक कि एम्स में इलाज से भी दो बार इनकार किया गया।
घोटाले की रकम 616 करोड़ रुपए
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुताबिक, धरम सिंह छोकर और उनकी कंपनी साईं आइना फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड पर लगभग 3700 घर खरीदारों से धोखाधड़ी का आरोप है। छोकर पर 616 करोड़ रुपए से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है। ईडी ने इस मामले में छोकर, उनके बेटे और कंपनी की कई करोड़ की संपत्तियां जब्त की हैं, जिनमें दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पानीपत की अचल संपत्तियां शामिल हैं।
जमानत की शर्तों का उल्लंघन, अस्पतालों में आराम और खुली सैर
कोर्ट को बताया गया कि छोकर 50 दिन की कस्टडी में से 23 दिन अस्पतालों में रहे। उन्हें 5 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी, लेकिन फिर भी वे खुलेआम घूमते नजर आए। अदालत ने इसे न्यायालय की आंखों में धूल झोंकने वाला कृत्य माना। कोर्ट ने यह भी कहा कि छोकर ने न केवल मेडिकल शर्तों का दुरुपयोग किया, बल्कि गलत जानकारी देकर अदालत को गुमराह भी किया।
बेटा पहले ही गिरफ्त में, संपत्तियां जब्त
जांच के दौरान छोकर के बेटे सिकंदर छोकर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। ईडी ने उनकी कंपनी और परिवार से जुड़ी कई संपत्तियों पर भी शिकंजा कस लिया है।
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