भारत-पाक बाॅर्डर पर जवानों के साथ कदम-से कदम मिलाकर लेब्रोडोर और जर्मन शेफर्ड डॉग भी देश की रक्षा करते हैं। देश की सुरक्षा में इनकी अहम भूमिका के कारण ही इन्हें भी जवानों जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। इनके लिए भी पॉलिसी और रूल बुक है। हर डॉग का रजिस्ट्रेशन होता है ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें एयर, ट्रेन या बस में ले जाया जा सके। सरहद पर बीएसएफ की हर बटालियन के पास 4-4 लेब्रोडोर और जर्मन शेफर्ड हैं। सुबह उठते ही जवानों जैसी पीटी और एक्सरसाइडज करते हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
सुबह-शाम आधे घंटे मालिश। खाने पर हर माह 6 हजार खर्च। रहने के लिए तीन रूम। रूम में एसी और कूलर। रूल्स के मुताबिक नाश्ता अौर दो समय भोजन दिया जाता है। रोजाना 480 ग्राम आटा, ब्रेड या चावल, बिस्कुट 30 ग्राम, मीट 680 ग्राम, दूध सवा लीटर, 2 अंडे, 230 ग्राम ताजी सब्जियां दी जाती हैं।
Pratham Tehelka Pratham Tehelka News
